
■बेमेतरा:- बेरला एवं भिम्भौरी तहसील क्षेत्र में पिछले दो-तीन दिनों से जारी लगातार रिमझिम बारिश ने अंचल के अन्नदाताओं की नींद उड़ा दी है। चूंकि बरसात के सीजन में लगातार मूसलाधार बारिश के चलते खेतों में पानी इस कदर भर चुका है कि लहलहाती फसलें डूबने के कगार पर पहुंच गई हैं। जलभराव की इस विकट स्थिति ने आगामी दिनों में किसानों के लिए भयंकर आर्थिक संकट और बड़ी मुसीबत के संकेत दे दिए हैं, जिससे पूरा किसान परिवार गहरी चिंता में डूब गया है।
उल्लेखनीय है कि बेरला विकासखण्ड का यह पूरा भूभाग ज़िले की सदाबहार व जीवनदायिनी शिवनाथ नदी, उसकी प्रमुख सहायक खारून नदी सहित लोर नदी के आंचल में बसा हुआ है, जहां की अर्थव्यवस्था की रीढ़ पूरी तरह कृषि और इन्हीं जलस्रोतों पर टिकी है। चूंकि इन दिनों लगातार हो रही बारिश के कारण न केवल नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, बल्कि क्षेत्र के छोटे-बड़े नाले भी उफान पर हैं। स्थिति इतनी भयावह हो गई है कि नालों का पानी अपनी सीमाएं लांघकर सीधा खेतों के भीतर उलट रहा है, जिससे आसपास के दर्जनों गांवों के खेतों में पानी की अधिकता जैसे हालात पैदा हो गए हैं। फिलहाल जलभराव की इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेरना तय है। लगातार बढ़ते जलस्तर और खेतों में कैद पानी के चलते आगामी फसल चक्र बुरी तरह प्रभावित हो सकता है, जिससे ग्रामीण अंचल में त्राहि-त्राहि मची हुई है। फलस्वरूप देखा जाए तो आगामी दिनों वर्षा के ऊपर स्थानीय अंचल की खेतीबाड़ी व कृषि कार्य की निर्भरता देखी जा रही है जो कि इनदिनों चिंताजनक नज़र आ रही है।
