बेमेतरा:- जिलेभर में आगामी त्यौहारों की आहट के साथ ही बाजारों में जबरदस्त रौनकता लौट आई है। पिछले महीने हरेली पर्व से शुरू हुआ त्यौहारों का सिलसिला अब सावन, जगन्नाथ यात्रा, कमरछठ (हलषष्ठी) और कृष्ण जन्माष्टमी के बाद अपने चरम पर पहुँच रहा है। आने वाले दिनों में पोला, तीजा, गणेश चतुर्थी, नवरात्रि, दशहरा, धनतेरस और दिवाली जैसे दर्जनों धार्मिक व पारंपरिक पर्व मनाए जाने हैं। इन मुख्य उत्सवों की तैयारियों को लेकर शहरी, नगरीय और कस्बाई इलाकों के बाजारों में ग्राहकों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है, जिससे व्यापारी वर्ग में भारी उत्साह है।
उल्लेखनीय है कि विगत गर्मी और मानसून की शुरुआती सुस्ती के बाद अब सितंबर से दिसंबर तक के इन चार महीनों में बाजार पूरी तरह बूम पर रहने की उम्मीद है। त्यौहारी खरीदारी की इस लहर ने बाजार के हर सेक्टर को नई ऊर्जा प्रदान की है। कपड़ा मंडी, सर्राफा बाजार (ज्वेलरी), ऑटोमोबाइल शोरूम, इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल दुकानों में नए स्टॉक के साथ ग्राहकों की चहल-पहल काफी बढ़ गई है। व्यापारी भी ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रखते हुए विशेष ऑफर और आकर्षक कलेक्शन पेश कर रहे हैं।
इसके साथ ही दैनिक और पूजन सामग्रियों के बाजार भी पूरी तरह सज चुके हैं। फल-फूल मार्केट, सब्जी बाजार, खिलौना दुकानों, मिठाई दुकानों (होटल) जनरल स्टोर्स सहित अन्य क्षेत्रों की बिक्री में अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। विशेषकर पोला और तीजा पर्व के लिए मिट्टी के बर्तन, नंदी बैल, पूजा सामग्री और पारंपरिक परिधानों की दुकानों पर महिलाओं और ग्रामीणों का हुजूम उमड़ रहा है, जिससे छोटे व्यापारियों और कुम्हारों के चेहरों पर भी मुस्कान तैर गई है।
बाजार में लौटी इस सकारात्मकता से बेमेतरा का स्थानीय अर्थचक्र तेजी से घूम रहा है।
इस सम्बंध में ज्यादातर दुकानदारों का मानना है कि कोरोना और आर्थिक मंदी के बाद इस बार का त्यौहारी सीजन व्यापार के लिहाज से बेहद ऐतिहासिक रहने वाला है। ग्राहकों की बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने और आवागमन को सुगम बनाए रखने के लिए प्रमुख बाजार क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था भी चुस्त-दुरुस्त की जा रही है, ताकि आम नागरिक बिना किसी असुविधा के अपनी खरीदारी का आनंद ले सकें।
