छुईखदान (खैरागढ़-छुईखदान-गंडई)।
केसीजी (खैरागढ़-छुईखदान-गंडई) जिला पुलिस ने साइबर अपराध और ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मामले में ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के मास्टरमाइंड सहित 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी लोगों से किराए पर बैंक खाते (म्यूल अकाउंट) लेकर करोड़ों रुपये का संदिग्ध लेन-देन कर रहे थे। पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में डिजिटल गैजेट्स और एटीएम कार्ड बरामद किए हैं।
समन्वय पोर्टल और NCRB के इनपुट से खुला राज
गृह मंत्रालय के समन्वय पोर्टल और नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) से छुईखदान पुलिस को कुछ बैंक खातों में असामान्य और अत्यधिक वित्तीय लेन-देन की सूचना मिली थी। इसके बाद साइबर पुलिस की मदद से जब छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक (शाखा छुईखदान) के खाताधारक दीपक निर्मलकर के खाते की जांच की गई, तो पुलिस के होश उड़ गए। इस अकेले खाते से देश के विभिन्न राज्यों से ऑनलाइन गेमिंग, सट्टेबाजी और साइबर फ्रॉड से जुड़े लगभग 1 करोड़ 69 लाख 32 हजार 368 रुपये का संदिग्ध लेन-देन पाया गया।
मुंबई के आलीशान फ्लैट से चल रहा था सट्टे का खेल
पूछताछ में आरोपी दीपक निर्मलकर ने खुलासा किया कि उसने अपना बैंक खाता 12,000 रुपये प्रति माह के किराए पर राहुल जंघेल नाम के युवक को दिया था। राहुल जंघेल से कड़ाई से पूछताछ करने पर पता चला कि इस खाते का उपयोग महाराष्ट्र के मुंबई महानगर क्षेत्र स्थित ‘पलावा सिटी’ के एक किराए के फ्लैट से ऑनलाइन गेमिंग और साइबर फ्रॉड के लिए किया जा रहा था। देशभर के लोगों से धोखाधड़ी की गई रकम इसी खाते में मंगवाई जाती थी।
25,000 रुपये सैलरी पर रखे थे लड़के, ‘फेयर प्ले’ और ‘रेड्डी अन्ना’ ऐप से सट्टा
जांच में सामने आया कि इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड राहुल देवांगन है, जो इस काम के लिए लड़कों को 25,000 रुपये प्रति माह वेतन पर रखता था। आरोपियों ने कुबूल किया कि वे पिछले 2 साल से फेयर प्ले, रेड्डी अन्ना, जयराम और शिवा बुक जैसे नामी ऑनलाइन गेमिंग व सट्टेबाजी एप्लिकेशनों के जरिए देश के अलग-अलग राज्यों में सट्टा चला रहे थे। करीब 4 महीने पहले नुकसान होने के कारण इन्होंने मुंबई का सेटअप बंद कर दिया था और अपने गृह जिले लौट आए थे। वर्तमान में आरोपी विजय कुमार साहू कबीरधाम में रहकर अकेले ही इस नेटवर्क को आगे बढ़ा रहा था।
ये आरोपी हुए गिरफ्तार:
- दीपक निर्मलकर (20 वर्ष) – निवासी: ग्राम नवागांव (लोधी), छुईखदान।
- राहुल जंघेल (23 वर्ष) – निवासी: ग्राम मैनहर, छुईखदान।
- राहुल देवांगन (25 वर्ष) – निवासी: धरसींवा, जिला रायपुर (मास्टरमाइंड)।
- विजय कुमार साहू (22 वर्ष) – निवासी: ग्राम गगरिया खम्हरिया, जिला कबीरधाम।
लाखों का सामान जब्त, बैंक खाते होंगे फ्रीज
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना छुईखदान में अपराध क्रमांक 254/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(2), 317(4), 318(4), 61(2) और IT एक्ट की धारा 66(D) के तहत मामला दर्ज किया है।
जब्ती का विवरण:
- डिजिटल उपकरण: 14 नग मोबाइल फोन, 01 नग लैपटॉप।
- बैंकिंग दस्तावेज: 19 नग एटीएम कार्ड (विभिन्न बैंकों के), 05 नग बैंक पासबुक।
- कुल जब्ती: ₹5,50,000 मूल्य की सामग्री और खातों में बची ₹5,00,000 की राशि को फ्रीज कराया जा रहा है (कुल मशरूका ₹10,50,000)।
सभी चारों आरोपियों को पुलिस ने विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले में अन्य जुड़े संदिग्धों और बैंक खातों की कड़ियों को खंगाल रही है।


