दुर्ग जिले की उतई थाना पुलिस ने पुलिस आरक्षक के पद पर नौकरी लगाने का झांसा देकर 12 लाख रुपये की ठगी करने वाले दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने वर्ष 2023 में प्रार्थी के पुत्र को पुलिस विभाग में भर्ती कराने के नाम पर रकम ली थी और नौकरी न मिलने पर पैसे भी वापस नहीं कर रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बैंक खाता और मोबाइल फोन जप्त कर उन्हें न्यायालय में पेश किया है।
मुख्य बिंदु:
- घटना का मामला: वर्ष 2023 में पुलिस आरक्षक के पद पर भर्ती कराने के नाम पर कुल 12,00,000 रुपये की धोखाधड़ी की गई थी।
- गिरफ्तार आरोपी:
- उमेश दास मानिकपुरी, निवासी ग्राम अतरिया, जिला बेमेतरा।
- राजेश वर्मा (57 वर्ष), निवासी पत्रकार कॉलोनी, रिंग रोड नंबर 2, बिलासपुर।
- जप्त सामग्री: आरोपियों से संबंधित बैंक खाता और एक मोबाइल फोन जप्त किया गया है।
- अपराध दर्ज: थाना उतई में अपराध क्रमांक 430/2026, धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है।
क्या था पूरा मामला?
20 अगस्त 2026 को प्रार्थी गैंदलाल बंछोर (निवासी सेलूद, थाना उतई) ने लिखित शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी उमेश दास मानिकपुरी ने उनके बेटे विकास बंछोर को पुलिस आरक्षक बनाने का झांसा दिया था। इस झांसे में आकर उन्होंने आरोपियों को कुल 12 लाख रुपये दे दिए। न तो नौकरी लगी और न ही पैसे लौटाए गए।
शिकायत की गंभीरता को देखते हुए थाना उतई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को उनके ठिकानों से धर दबोचा। विवेचना के बाद दोनों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।
दुर्ग पुलिस की अपील
पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि:
- पुलिस भर्ती या किसी भी शासकीय नौकरी दिलाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति के झांसे में आकर पैसे न दें।
- नौकरी के ऐसे किसी भी प्रस्ताव का संबंधित विभाग से स्वयं सत्यापन करें।
- धोखाधड़ी या अवैध वसूली की जानकारी मिलने पर तुरंत नजदीकी पुलिस थाने को सूचित करें।
