दुर्ग जिले के उतई थाना क्षेत्र अंतर्गत अवैध रूप से मवेशियों के परिवहन और तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने घेराबंदी कर भैंसों से भरे एक पिकअप वाहन को पकड़ा है तथा इस मामले में कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 2 अपचारी बालकों को विधि अनुसार अभिरक्षा में लिया गया है।
घटना का विवरण
दुर्ग पुलिस को अवैध मवेशी परिवहन की लगातार मिल रही सूचनाओं के आधार पर थाना उतई पुलिस ने सतर्कता बरती। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने ग्राम पुरई स्थित नर्सरी के पास त्वरित रूप से घेराबंदी की और संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की।
जांच के दौरान मैक्सिमा पिकअप वाहन (क्रमांक CG 04 PF 6904) से 03 नग भैंस मवेशी बरामद किए गए। वाहन चालकों द्वारा मवेशियों के परिवहन से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज या अनुमति प्रस्तुत नहीं की जा सकी। मौके पर परिवहन में सहयोग करने वाले अन्य वाहन—एक स्कॉर्पियो (क्रमांक CG 04 HD 1564) और एक मोटरसाइकिल (क्रमांक CG 07 LB 1123) भी पाए गए।
पुलिस की कार्रवाई और जप्ती
पुलिस ने मौके पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया और 2 अपचारी बालकों को अभिरक्षा में लिया। बरामद किए गए मवेशियों का पशु चिकित्सा अधिकारी से स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया है और उन्हें नियमानुसार सुरक्षित स्थान पर भेजने की प्रक्रिया की गई है।
प्रकरण में निम्नलिखित सामग्री जप्त की गई है:
- 03 नग भैंस मवेशी
- मैक्सिमा पिकअप वाहन (CG 04 PF 6904)
- स्कॉर्पियो वाहन (CG 04 HD 1564)
- मोटरसाइकिल (CG 07 LB 1123)
अपराध पंजीयन
पुलिस ने इस मामले में संलिप्त आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 428/2026 दर्ज किया है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा 4, 6, 10 एवं पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11 के तहत की गई है। पुलिस मवेशियों के परिवहन के स्रोत और गंतव्य का पता लगाने के लिए आगे की विवेचना कर रही है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
- कमल गिरी गोस्वामी (23 वर्ष), निवासी आदर्श नगर, उतई
- जीमू गोस्वामी उर्फ संजू गोस्वामी (26 वर्ष), निवासी बावापारा, आदर्श नगर, उतई
- कमलेश गिरी गोस्वामी (35 वर्ष), निवासी आदर्श नगर, बावापारा, उतई
- करन गिरी गोस्वामी (19 वर्ष), निवासी बजरंग चौक, ग्राम डुण्डेरा
- टोमन यादव (26 वर्ष), निवासी आदर्श नगर, बावापारा, उतई
- जागेश्वर सिंह (36 वर्ष), निवासी आदर्श नगर, बावापारा, उतई
- 02 अपचारी बालक (विधि अनुसार अभिरक्षा में)

