दुर्ग:-शासकीय जिला अस्पताल में मरीज के एक परिजन से रिश्तेदार को फोन करने के बहाने मोबाइल लेकर बैंक खाते से 1.48 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले शातिर आरोपी को थाना सिटी कोतवाली दुर्ग पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर ठगी की रकम से खरीदे गए सामान और नगदी सहित कुल 55,700 रुपये की सामग्री जप्त की है।
क्या है पूरा मामला?
दिनांक 05 सितंबर 2026 को प्रार्थी कुलेश्वर निषाद (निवासी ग्राम महमरा, चौकी अंजोरा, थाना पुलगांव) ने थाना सिटी कोतवाली दुर्ग में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रार्थी के पिता का इलाज शासकीय जिला अस्पताल दुर्ग में चल रहा था और प्रार्थी उनकी देखभाल के लिए अस्पताल में मौजूद था।
इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति वहां आया और रिश्तेदार को फोन करने का बहाना बनाकर प्रार्थी से उसका मोबाइल मांग लिया। प्रार्थी ने मदद की नीयत से उसे फोन दे दिया, जिसका फायदा उठाकर आरोपी मोबाइल लेकर मौके से फरार हो गया। इसके बाद आरोपी ने प्रार्थी के मोबाइल का दुरुपयोग करते हुए उसके बैंक खाते से कुल 1,48,301 रुपये की धोखाधड़ी कर लिए।
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पकड़ा गया आरोपी
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत अपराध क्रमांक 482/2026, धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। थाना सिटी कोतवाली दुर्ग की पुलिस टीम ने तकनीकी और अन्य साक्ष्यों का संकलन करते हुए आरोपी की तलाश की।
पूछताछ और धरपकड़ के दौरान आरोपी की पहचान कमलजीत बांदे उर्फ कमल (उम्र 29 वर्ष, निवासी ग्राम तमोरा, थाना रानचिरई, जिला बालोद) के रूप में हुई। पुलिस हिरासत में पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस रिकॉर्ड (ICJS) के अनुसार, आरोपी के खिलाफ पहले भी थाने में कुछ अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं।
आरोपी के कब्जे से बरामद सामग्री
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर ठगी के पैसों से खरीदी गई सामग्री और नगद रकम बरामद की है, जिसमें शामिल हैं:
- एक सोने का मंगलसूत्र (कीमत लगभग 17,000 रुपये)
- एक घड़ी (कीमत लगभग 1,000 रुपये)
- एक पॉवर बैंक (कीमत लगभग 1,000 रुपये)
- एक मोबाइल फोन (कीमत लगभग 16,500 रुपये)
- नगद 20,200 रुपये
- कुल जप्त सामग्री: 55,700 रुपये मूल्य की सामग्री
विधिवत गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।
दुर्ग पुलिस की खास अपील
दुर्ग पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अपरिचित व्यक्ति को फोन कॉल करने या अन्य किसी बहाने से अपना मोबाइल फोन न दें। आज के समय में मोबाइल्स में बैंकिंग और वित्तीय ऐप्स होने के कारण इनके दुरुपयोग से बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है। किसी भी प्रकार की ऑनलाइन या डिजिटल धोखाधड़ी का शिकार होने पर तुरंत बैंक और स्थानीय पुलिस को सूचना दें।
