दुर्ग। जिले के मोहन नगर थाना क्षेत्र में हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड का दुर्ग पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। 26 वर्षीय युवक की हत्या के आरोप में पुलिस ने 7 नाबालिगों (अपचारी बालकों) को हिरासत में लिया है। हत्या की यह वारदात महज 1,500 रुपये के लेनदेन के विवाद को लेकर अंजाम दी गई थी।
कुएं में मिला था लहूलुहान शव
घटना 18 जून की रात की है, जब शक्ति नगर स्थित पशु आहार किसान राईस मिल के कुएं में एक युवक का शव होने की सूचना मिली। मृतक की पहचान यशवंत सारथी (26 वर्ष) के रूप में हुई। शव की स्थिति देखकर स्पष्ट था कि बेरहमी से उसकी हत्या की गई है। अज्ञात हमलावरों ने पत्थर से सिर कुचलने के बाद धारदार कटर से वार कर युवक को मौत के घाट उतार दिया था और साक्ष्य मिटाने के लिए शव को कुएं में फेंक दिया था।
फोन कर बुलाया और सुनियोजित तरीके से दी घटना को अंजाम
मोहन नगर पुलिस की जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी और मृतक के बीच पैसों को लेकर विवाद था। मृतक ने आरोपी से 1,500 रुपये उधार लिए थे, जिसे वह बार-बार मांगने पर भी लौटा नहीं रहा था। इसी रंजिश के चलते मुख्य आरोपी ने 17 जून की रात मृतक को फोन कर राईस मिल के पास बुलाया। वहां पहले से ही उसने अपने 6 अन्य साथियों को भी बुला रखा था। जैसे ही यशवंत मौके पर पहुंचा, सातों आरोपियों ने मिलकर उसे घेर लिया और पत्थर व कटर के इस्तेमाल से उसकी हत्या कर दी।
पुलिस की तत्परता, 24 घंटे में सुलझी गुत्थी
मामले की गंभीरता को देखते हुए दुर्ग पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों व स्थानीय लोगों से पूछताछ के आधार पर महज एक दिन के भीतर सभी 7 नाबालिगों को धर दबोचा। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त कटर और पत्थर समेत अन्य सामग्री बरामद कर ली है।
दुर्ग पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत मामला पंजीबद्ध कर सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें ताकि ऐसी घटनाओं को समय रहते रोका जा सके।
