बेमेतरा/बेरला -:छत्तीसगढ़ में हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश और नदियों के बढ़े हुए जलस्तर के बाद अब ग्रामीण और शहरी इलाकों में समस्याएं सामने आने लगी हैं। कण्डरका-पठारीडीह क्षेत्र में खारुन नदी पर बने पुल पर बाढ़ का पानी उतरने के बाद भारी मात्रा में मलबा, सिल्ट (कीचड़) और कचरे का ढेर जमा हो गया है। इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग इस मार्ग को सुव्यवस्थित और साफ करने में पूरी तरह फेल साबित हो रहे हैं, जिससे आम जनता और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

- मलबे और कचरे का साम्राज्य: बाढ़ का पानी कम होने के बाद पुल की सड़क पर कीचड़, प्लास्टिक कचरा और पत्थरों का ढेर लग गया है, जिससे सड़क का अधिकांश हिस्सा संकरा हो गया है।
- दुर्घटनाओं का बढ़ा खतरा: फिसलन भरे कीचड़ और मलबे के ढेर के कारण दोपहिया वाहन चालकों के स्लिप होने और बड़े वाहनों के अनियंत्रित होने का खतरा लगातार बना हुआ है।
- प्रशासनिक उदासीनता: स्थानीय ग्रामीणों और चालकों द्वारा बार-बार गुहार लगाने के बाद भी अब तक प्रशासन या जिम्मेदार अमले द्वारा सफाई अभियान या मार्ग को दुरुस्त करने की कोई सुधि नहीं ली गई है।
- आवागमन बाधित: इस महत्वपूर्ण मार्ग से गुजरने वाले आम नागरिकों, स्कूली बच्चों और दैनिक यात्रियों को रोज जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है।

