खैरागढ़। जिले के ग्राम धनेली में मानवता और साहस का एक अनूठा उदाहरण सामने आया है। यहाँ एक सूखे कुएं में गिरे बेजुबान बछड़े की जान बचाने के लिए खैरागढ़ पुलिस के एक आरक्षक ने अपनी जान की परवाह किए बिना कुएं में छलांग लगा दी। पुलिस की इस संवेदनशीलता की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है।
डेढ़ दिन से फंसा था बछड़ा
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम धनेली में एक बछड़ा पिछले लगभग डेढ़ दिन से एक सूखे कुएं में गिरा हुआ था। काफी समय बीत जाने के कारण बछड़े की स्थिति नाजुक होती जा रही थी। ग्रामीणों ने इसकी सूचना डायल 112 के माध्यम से पुलिस को दी।
आरक्षक ने दिखाई जांबाजी
सूचना मिलते ही थाना खैरागढ़ में पदस्थ आरक्षक क्रमांक 126 धनेश्वर ठाकुर तत्काल मौके पर पहुंचे। कुआं गहरा होने के कारण बछड़े को बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण था। स्थिति को देखते हुए आरक्षक धनेश्वर ठाकुर ने साहस दिखाया और स्वयं कुएं में उतर गए। उन्होंने ग्रामीणों के सहयोग से रस्सी और साड़ी का उपयोग कर एक सुरक्षित घेरा बनाया और काफी मशक्कत के बाद बछड़े को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
ग्रामीणों ने की सराहना
बछड़े के सुरक्षित बाहर आते ही ग्रामीणों ने खैरागढ़ पुलिस और विशेष रूप से आरक्षक धनेश्वर ठाकुर के कार्य की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने न केवल सूचना पर त्वरित प्रतिक्रिया दी, बल्कि एक बेजुबान की जान बचाकर खाकी का मान बढ़ाया है।
खैरागढ़ पुलिस का संदेश: पुलिस प्रशासन का कहना है कि वे आम नागरिकों के साथ-साथ बेजुबान पशुओं की सुरक्षा और सहायता के लिए भी सदैव तत्पर हैं। यह कार्यवाही पुलिस की संवेदनशीलता और सेवा भाव का प्रतीक है।
