
■दुर्ग/बेमेतरा:- तांदुला जलसंसाधन दुर्ग सम्भाग अंतर्गत बेरला विकासखण्ड के ग्राम उफरा में हसदा नाले पर तकरीबन 424.26 लाख की लागत से नवनिर्मित स्टॉपडेम रपटा निर्माण में पारदर्शिता और गुणवत्ता को लेकर जलसंसाधन विभाग पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। विगत दिनों स्थानीय ग्रामीणों और मीडिया द्वारा कार्य में क्युरिंग की कमी, सूचना बोर्ड का न होना और तटबंधों पर आंशिक दरारों जैसी तकनीकी मामलों को लेकर उठाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई थी, जबकि ठेकेदार आशीष तिवारी (आरएस तिवारी कंस्ट्रक्शन) का दावा था कि कार्य मापदंडों के अनुरूप हुआ है। इस खबर पर जनभावनाओं को सर्वोपरि रखते हुए विभाग के उच्च अधिकारियों ने मामले को ठंडे बस्ते में डालने के बजाय बेहद संवेदनशीलता दिखाते हुए तांदुला जलसंसाधन दुर्ग के कार्यपालन अभियंता आशुतोष सारस्वत के दिशानिर्देश पर तांदुला सब डिवीजन क्षेत्र क्रमांक-04 के एसडीओ रोहन शाह एवं सब इंजीनियर साक्षी मेश्राम की उपस्थिति में एक तकनीकी टीम गठित कर तत्काल निर्माणस्थल का सघन निरीक्षण किया। फिलहाल इस निरीक्षण के दौरान जमीनी स्तर पर जो भी मामूली कमियां या तकनीकी खामियां सामने आईं, उन पर अफसरों ने बिना वक्त गंवाए निर्माण एजेंसी को मौके पर ही सुधार और सुदृढ़ीकरण के सख्त निर्देश जारी किए। विभाग की इस कड़ाई और प्रभावी मॉनिटरिंग का असर यह हुआ कि ठेकेदार द्वारा त्वरित सुधार कार्य किया गया, जिसके बाद जांच में स्टॉपडेम का निर्माण पूरी तरह सही और गुणवत्तापूर्ण पाया गया। शिकायतों का तत्काल संज्ञान लेकर त्वरित एक्शन मोड में काम करने वाली अधिकारियों की इस मुस्तैद और सुधारात्मक कार्यप्रणाली की क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है।
