खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (KCG)। जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में संचालित कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) संचालकों द्वारा ‘महतारी वंदन योजना’ के ई-केवाईसी (e-KYC) के नाम पर अवैध वसूली का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जिले के गंडई, छुईखदान और खैरागढ़ क्षेत्र में कई चॉइस सेंटर संचालक महिलाओं से 30 रुपये से लेकर 50 रुपये तक की अवैध वसूली कर रहे हैं।
सरकार की योजना, बिचौलियों का मुनाफा
महतारी वंदन योजना के तहत पात्र महिलाओं के खातों में राशि का अंतरण सुचारू रूप से करने के लिए शासन ने बैंक खातों को आधार से लिंक और ई-केवाईसी कराने के निर्देश दिए हैं। शासन की मंशा है कि इस प्रक्रिया में हितग्राहियों को कोई परेशानी न हो, लेकिन जमीनी स्तर पर संचालक इसका फायदा उठा रहे हैं।
सूत्रों के हवाले से बड़ी बातें:
- मनमाना शुल्क: जिले भर के केंद्रों में केवाईसी के नाम पर कोई निश्चित शुल्क नहीं लिया जा रहा। कहीं 30 तो कहीं 50 रुपये वसूले जा रहे हैं।
- मजबूरी का फायदा: केवाईसी नहीं होने पर किस्त रुकने के डर से ग्रामीण महिलाएं चुपचाप पैसे देने को मजबूर हैं।
- सर्वर का बहाना: कई केंद्रों पर काम धीमा होने या सर्वर डाउन होने का हवाला देकर महिलाओं को घंटों इंतजार कराया जाता है और फिर ‘सुविधा शुल्क’ के नाम पर अतिरिक्त पैसे मांगे जाते हैं।
प्रशासनिक निगरानी का अभाव
केसीजी जिले के गठन के बाद से ही विकास कार्यों में तेजी आई है, लेकिन दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों जैसे साल्हेवारा और छुईखदान के अंदरूनी गांवों में सरकारी योजनाओं की मॉनिटरिंग कमजोर नजर आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन द्वारा केंद्रों पर रेट लिस्ट चस्पा करवाई जाती और औचक निरीक्षण होता, तो इस तरह की वसूली पर लगाम लग सकती थी।
क्या कहते हैं जागरूक नागरिक?
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि एक तरफ सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए आर्थिक सहायता दे रही है, वहीं दूसरी तरफ सिस्टम में बैठे कुछ लोग उनकी इस मेहनत की कमाई पर डाका डाल रहे हैं। इस मामले में जिला प्रशासन को सख्त कदम उठाते हुए दोषी संचालकों के आईडी ब्लॉक करने और उन पर जुर्माना लगाने की जरूरत है।
मुख्य बिंदु:
- स्थान: खैरागढ़, छुईखदान, गंडई (संपूर्ण जिला केसीजी)
- विषय: ई-केवाईसी के नाम पर अवैध वसूली।
- वसूली दर: ₹30 से ₹50 प्रति व्यक्ति।

