
बेमेतरा/बेरला:- बेरला आबकारी सर्किल क्षेत्र के ज्यादातर ग्रामीण अंचलों में इन दिनों अवैध शराब का कारोबार चरम पर है, जिससे गांवों का सामाजिक वातावरण पूरी तरह दूषित हो चुका है। फिलहाल शासन-प्रशासन के सख्त दिशा-निर्देशों को ताक पर रखकर हर गली-मोहल्ले में शराब कोचिया पनप रहे हैं। इस अवैध धंधे के कारण आए दिन गांवों में आपसी विवाद, घरेलू हिंसा और अशांति का माहौल निर्मित हो रहा है।फिलहाल शराब कोचियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे बिना किसी खौफ के खुलेआम अपनी दुकानदारी चला रहे हैं। वही इस गंभीर स्थिति पर अंकुश लगाने की बजाय आबकारी विभाग पूरी तरह से मूकदर्शक बना हुआ है और केवल कागजी खानापूर्ति में व्यस्त है। इस जिम्मेदार विभाग के अफसरों द्वारा यदा-कदा की जाने वाली कार्रवाई महज एक औपचारिकता बनकर रह गई है, जिसमें छोटे-मोटे मामलों को दिखाकर अपनी पीठ थपथपा ली जाती है, जबकि मुख्य सरगना और बड़े कोचिए आज भी पुलिस और आबकारी की गिरफ्त से बाहर हैं। मिलीभगत और सुस्त कार्यप्रणाली के इस खेल में शासन के नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यदि आबकारी विभाग ने जल्द ही अपनी औपचारिकता वाली कार्यशैली को छोड़कर इन अवैध शराब कोचियों पर कोई कड़ा और जमीनी एक्शन नहीं लिया, तो क्षेत्र की कानून व्यवस्था और सामाजिक ढांचा पूरी तरह चरमरा जाएगा।बताया जा रहा है कि बेरला ब्लॉक के ग्रामीण इलाकों में रोजाना बड़ी मात्रा में शराब खपाई जा रही है और वही जिम्मेदार शासन-प्रशासन जानकारी होने के बावजूद शराब कोचियाओं के आगे नतमस्तक है। उल्लेखनीय है कि बेरला विकासखण्ड क्षेत्र में शासकीय मदिरालय की कमी होने के कारण गिनती के शराब दुकान के कारण क्षेत्र के करीब तीन दर्जन गाँव इसके चपेट में है जिसमे सरदा से लेकर भिम्भौरी तक, घटिया से पाहन्दा तक, बोरसी से लेकर कोदवा तक, कठिया से लेकर चण्डी तक इत्यादि ग्रामीण परिक्षेत्र इसके प्रभाव में है, जहां पर खुलेआम शराब का कारोबार हो रहा है जो काफी चिंताजनक है।
