बेमेतरा:- ज़िले सहित समूचे देश- प्रदेश में आसमान से बरसती आग और रिकॉर्ड तोड़ती भीषण गर्मी के बीच बेमेतरा जिले के ग्रामीण अंचलों से राहत और आत्मनिर्भरता की एक बेहद शानदार तस्वीर सामने आ रही है। जहां जिला प्रशासन ने स्थानीय स्तर पर पलायन रोकने और ग्रामीणों को संबल देने के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (अब जीरामजी)के तहत तालाब गहरीकरण सहित अन्य विकास कार्यों का शुरुआत हो गया है। जल संकट से निपटने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बूस्ट देने की इस दोहरी कवायद के तहत चिलचिलाती धूप में भी ग्रामीण क्षेत्रों में युद्ध स्तर पर काम चल रहा है, जहां मजदूरों के स्वास्थ्य को सर्वोपरि रखते हुए कार्यस्थल पर सुबह के समय में बदलाव, ठंडे पेयजल, छांव के लिए शेड और ओआरएस जैसी आपातकालीन प्राथमिक चिकित्सा सुविधाओं के कड़े इंतजाम किए गए हैं। गांव में ही रोजगार मिलने से न केवल स्थानीय मजदूरों और महिलाओं के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई है, बल्कि पारंपरिक तालाबों के जीर्णोद्धार से आने वाले मानसून में भूजल स्तर सुधरने और भविष्य के जल संकट से निपटने का एक मजबूत रोडमैप भी तैयार हो रहा है, जो इस तपन में ग्रामीण विकास की एक नई इबारत लिख रहा है।
