■बेमेतरा:- दुर्ग-बेमेतरा राजकीय मार्ग पर देवरबीजा से केशडबरी के बीच स्थित नाले की पुलिया के एक हिस्से का दरकना इन दिनों स्थानीय राहगीरों के लिए खतरे का सबब बन सकता है। चूंकि इस व्यस्त स्टेट हाईवे पर रोजाना हजारों की तादाद में जिलेवासी और राहगीर अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। ताजा जानकारी के मुताबिक, इस मुख्य पुलिया पर लगभग 5 फीट लंबा गहरा स्केलनुमा दरार आ चुका है, जो विभागीय अनदेखी के कारण कभी भी बड़े हादसे का सबब बन सकता है। विडंबना यह है कि इस गंभीर खतरे के बावजूद लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदार अफसर और क्षेत्र के जनप्रतिनिधि कुंभकर्णी नींद सोए हुए हैं, जिससे स्थानीय जनता में भारी आक्रोश पनप रहा है। बहरहाल धरातल पर दिख रही यह जर्जर स्थिति लोक निर्माण विभाग के साजा उपसंभाग अंतर्गत आने वाले कोदवा सेक्शन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े करती है। विभाग द्वारा हर साल वार्षिक संधारण और मरम्मत के नाम पर कागजों में तो लाखों रुपये की सरकारी राशि पानी की तरह बहा दी जाती है।लेकिन हकीकत में भ्रष्टाचार का खेल इस पुलिया की दरारे से होल बढ़ता साफ नजर आ रहा है। अगर समय रहते इस दरकती पुलिया की सुध नहीं ली गई, तो यह पूरी तरह ढहकर एक बड़े गड्ढे में तब्दील हो जाएगी, जिससे इस राजकीय मार्ग पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, जिसमे जनहानि की संभावना है। इस सम्बंध में पीडब्ल्यूडी के कोदवा सेक्शन उप अभियंता सन्दीप शर्मा से सम्पर्क करने पर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नही दी।

