बेरला। जनपद पंचायत बेरला के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कठिया के ग्रामीण इन दिनों नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। पंचायत की गलियों में जलभराव और घुटनों तक कीचड़ की समस्या ने ग्रामीणों का जीना दूभर कर दिया है। मानसून आते ही स्थिति और भी भयावह हो गई है, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है।

दलदल में तब्दील हुई गलियां
ग्रामीणों का आरोप है कि नाली और मुरुमीकरण के अभाव में हर साल बारिश के दौरान उन्हें इसी समस्या का सामना करना पड़ता है। गलियों में गंदा पानी जमा होने से वहां से गुजरना जोखिम भरा हो गया है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए तो घर से बाहर निकलना भी किसी चुनौती से कम नहीं है। कीचड़ के कारण दोपहिया वाहन अक्सर फिसल रहे हैं, और गंदगी की वजह से जहरीले कीड़े-मकौड़ों के साथ ही बीमारियों का खतरा भी मंडरा रहा है।
जिम्मेदार खामोश, बजट के उपयोग पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि पंचायत में मूलभूत सुविधाओं के लिए आने वाले बजट का उपयोग सही ढंग से नहीं किया जा रहा है। जनसेवक रविंद्र भास्कर चौबे ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हर चुनाव में नेता और जनप्रतिनिधि बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने अब चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नालियों की सफाई और मुरुमीकरण का काम नहीं शुरू हुआ, तो वे कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपेंगे।
सरपंच से संपर्क की कोशिश रही विफल
इस गंभीर समस्या को लेकर जब ग्राम पंचायत कठिया के सरपंच बिरम भारद्वाज से दूरभाष के माध्यम से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने फोन का कोई जवाब नहीं दिया।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें:
- तत्काल राहत: वार्डों में तत्काल मुरुम का भराव किया जाए ताकि आवागमन सुगम हो सके।
- स्वच्छता: रुकी हुई नालियों की सफाई का काम युद्ध स्तर पर शुरू हो।
- स्थायी समाधान: भविष्य के लिए सीसी रोड और पक्की नाली का निर्माण सुनिश्चित किया जाए।
