राजनांदगांव। जिले की तुमड़ीबोड़ पुलिस ने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले दो शातिर ठगों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपियों ने बैंक में नौकरी दिलाने का झांसा देकर दो परिवारों से कुल 2 लाख 14 हजार रुपये की ठगी की थी। पुलिस ने आरोपियों के पास से ठगी की रकम से खरीदी गई कार भी जब्त कर ली है।
नौकरी का झांसा देकर ऐसे दिया ठगी को अंजाम
मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थिया धनेश्वरी साहू ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि राहुल देशलहरे और भागवत निषाद ने उनकी बेटी को ग्रामीण बैंक में सहायक प्रबंधक और बेटे को क्लर्क के पद पर नौकरी दिलाने का लालच दिया। आरोपियों ने कुल 1 लाख 15 हजार रुपये ऐंठ लिए, लेकिन न तो नौकरी लगवाई और न ही पैसे लौटाए।
इसी तरह, दूसरे मामले में प्रार्थी हेमंत साहू ने शिकायत की कि इन्हीं आरोपियों ने उनके बेटे को भारतीय स्टेट बैंक में सहायक मैनेजर बनाने का झूठा सपना दिखाकर 99 हजार रुपये ठग लिए।
फरारी काट रहे थे आरोपी, पुलिस ने दबोचा
मामले की जांच के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए। पुलिस द्वारा पूछताछ और सहयोग के लिए बुलाए जाने पर आरोपी फरार हो गए थे। पुलिस की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और घेराबंदी कर आरोपी राहुल देशलहरे को राजनांदगांव से और भागवत निषाद को डोंगरगढ़ क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
ठगी की रकम से खरीदी थी कार
जांच में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी राहुल देशलहरे ने ठगी की राशि से एक टाटा इंडिका कार (CG 07 AL 6724) खरीदी थी। पुलिस ने उक्त वाहन को जब्त कर लिया है। पकड़े गए दोनों आरोपियों—राहुल देशलहरे (38) और भागवत निषाद (57)—के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
पुलिस की सराहनीय भूमिका
इस पूरी कार्यवाही में चौकी प्रभारी उप निरीक्षक धनीराम नारंगे, प्रधान आरक्षक लोकनाथ वर्मा और आरक्षक प्रमोद करियारे, चंद्रशेखर यादव, लोकेश साहू सहित पूरी चौकी टीम की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
