■बेमेतरा:- जिले में मानसूनी बारिश का सीजन होने के साथ ही सब्जियों के दाम आसमान छूने लगा है। जिससे इनदिनों आम जनता का घरेलू बजट बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जिले के चारों प्रमुख विकासखंडों बेमेतरा, साजा, बेरला और नवागढ़ के अंतर्गत सभी नगरीय निकायों, कस्बाई इलाकों और पारंपरिक साप्ताहिक हाट-बाजारों में इन दिनों हरी सब्जियों की मांग के मुकाबले आवक काफी कम हो गई है। स्थिति यह है कि टमाटर, हरी मिर्च, गोभी और भिंडी जैसी रोजाना उपयोग होने वाली सब्जियां आम आदमी की पहुंच से दूर होती जा रही हैं, जिससे हर घर की रसोई का गणित गड़बड़ा गया है।
चूंकि इस स्थिति में जिले के स्थानीय बाजारों और ग्रामीण अंचलों के हाट-बाजारों में व्यापारियों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण खेतों और परिवहन मार्गों की हालत खराब हो चुकी है। बेमेतरा मुख्यालय सहित बेरला, साजा और नवागढ़ के शहरी व ग्रामीण बाजारों में बाहरी जिलों व दीगर क्षेत्रों से से आने वाली सब्जियां समय पर नहीं पहुंच पा रही हैं। इसके अलावा, स्थानीय स्तर पर खेतों में जलभराव होने के कारण फसलें या तो समय से पहले खराब हो गई हैं या उनकी तुड़ाई प्रभावित हुई है। मांग अधिक और आपूर्ति कम होने के इस असंतुलन के कारण खुदरा बाजारों में सब्जियों के दाम तेजी से उछल गए हैं।
इस मंहगाई की दोहरी मार सीधे तौर पर मध्यम और गरीब वर्ग के परिवारों पर पड़ रही है, जिन्हें अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए रोजमर्रा के खर्चों में कटौती करनी पड़ रही है। गृहिणियों का कहना है कि महीने का तय बजट अब कुछ ही दिनों में सब्जियों की खरीदारी में खत्म हो रहा है। यदि आने वाले दिनों में मौसम में सुधार नहीं हुआ और परिवहन व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो मंडियों से लेकर स्थानीय ठेलों तक सब्जियों की कीमतें और अधिक बढ़ सकती हैं, जिससे आम जनता की मुश्किलें और ज्यादा गहरी हो जाएंगी।
