छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले की साइबर पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए युवतियों को अपने जाल में फंसाने वाले एक शातिर आरोपी को गुजरात से गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी ने इंस्टाग्राम पर एक युवती से दोस्ती कर उसे कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित होने का झांसा दिया और ब्लैकमेल करते हुए उसके साथ दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया।

कैसे शुरू हुआ पूरा मामला?
साइबर थाना राजनांदगांव से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी रोनक सिंह (19 वर्ष, निवासी- सूरत, गुजरात) ने 1 मई 2025 से 19 जुलाई 2025 के बीच इंस्टाग्राम के माध्यम से पीड़िता से संपर्क बढ़ाया। उसने खुद को कैंसर पीड़ित बताकर सहानुभूति बटोरी और इलाज के नाम पर अलग-अलग माध्यमों से कुल 2,19,500 रुपये की ठगी कर ली।
इसके बाद, आरोपी सूरत से राजनांदगांव आया और एक निजी होटल में पीड़िता को बुलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान उसने अपने मोबाइल में पीड़िता के कुछ निजी और आपत्तिजनक फोटो व वीडियो रिकॉर्ड कर लिए। जब पीड़िता ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी उन्हीं वीडियो और तस्वीरों को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर उसे लगातार ब्लैकमेल करने लगा।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी
पीड़िता की हिम्मत जुटाकर दी गई लिखित शिकायत पर 20 अगस्त 2026 को साइबर पुलिस थाना राजनांदगांव में मामला दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान पीड़िता के बयानों के आधार पर प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 और 351(1) जोड़ी गईं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन और डीएसपी साइबर/क्राईम सत्यप्रकाश तिवारी के पर्यवेक्षण में एक विशेष टीम गठित की गई। साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार पम्मार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन के आधार पर दबिश देकर 9 अक्टूबर 2026 को आरोपी रोनक सिंह को सूरत (गुजरात) से धर दबोचा।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन, सिम कार्ड और एटीएम कार्ड भी बरामद कर लिया है। आरोपी को गुजरात के स्थानीय न्यायालय में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर राजनांदगांव लाया गया है, जहां उसे न्यायिक रिमांड पर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।
राजनांदगांव पुलिस की आम जनता से अपील:
- सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान व्यक्ति से दोस्ती करते समय पूरी सतर्कता बरतें।
- अपनी निजी तस्वीरें, वीडियो या बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारियां किसी के साथ भी साझा न करें।
- ऑनलाइन धमकी, ब्लैकमेलिंग या किसी भी प्रकार के साइबर अपराध की स्थिति में घबराएं नहीं और तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या साइबर सेल को सूचना दें।
इस सराहनीय कार्रवाई में निरीक्षक विनय पम्मार, प्रधान आरक्षक अखिल अंबादे, आरक्षक मनोज कुमार खूंटे और सेहल साहू की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

