दुर्ग जिले की पुलिस ने पाटन और आसपास के क्षेत्रों में ज्वेलर्स व्यापारियों को निशाना बनाने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से नकली सोने की पत्तियां, नकदी तथा अन्य सामग्री बरामद की है। यह पूरा गिरोह राजस्थान के अलवर क्षेत्र से जुड़ा हुआ है।

पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह अलग-अलग क्षेत्रों में घूमकर ज्वेलर्स व्यापारियों को अपना निशाना बनाता था। शुरुआत में आरोपी चटाई बेचने या अन्य बहाने से कस्बों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में घूमते थे और स्थानीय ज्वेलर्स से संपर्क कर उनका विश्वास जीतते थे। व्यापारी का भरोसा कायम करने के लिए वे पहले असली सोने की अंगूठी या आभूषण गिरवी रखकर समय पर पूरा लेन-देन करते थे। इसके बाद दोबारा दुकान पर पहुंचकर असली सोने के साथ पॉलिश की हुई नकली सोने की पत्तियां मिलाकर बड़ी रकम ऐंठ लेते थे। नकली पत्तियों पर सोने की पॉलिश होने के कारण शुरुआती स्तर पर उनके नकली होने की पहचान करना बेहद कठिन होता था। इसके अलावा, ठगी की रकम को सुरक्षित रूप से छिपाकर ले जाने के लिए वे कमर में बांधने योग्य विशेष गुप्त थैलियों का उपयोग करते थे।

घटना की शुरुआत 24 सितंबर 2026 को हुई, जब पाटन के पुराना बाजार स्थित लक्ष्मी ज्वेलर्स के संचालक आनंद सोनी के पास आरोपी पहुंचे और 18 नग सोने की पत्तियां असली बताकर गिरवी रखीं, जिसके एवज में उन्होंने 15 लाख 93 हजार रुपये प्राप्त किए। इसके साथ ही उन्होंने दुकान से 3 लाख 39 हजार रुपये कीमत की सोने की अंगूठियां और चांदी की पायल भी उधारी में ले लीं और एक सप्ताह के भीतर रकम लौटने का भरोसा दिया, लेकिन समय पर पैसे नहीं लौटाए। संदेह होने पर जब गिरवी रखी गई पत्तियों की जांच कराई गई, तब पता चला कि उनमें 90 प्रतिशत अन्य धातु और केवल 10 प्रतिशत सोना था। इस पर थाना पाटन में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए दुर्ग पुलिस ने दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, राजनांदगांव और रायपुर के ग्रामीण व कस्बाई क्षेत्रों के ज्वेलर्स व्यापारियों और एसोसिएशन के साथ संपर्क कर गिरोह के तौर-तरीकों की जानकारी साझा की। इसी दौरान बालोद जिले के अर्जुन्दा क्षेत्र से सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध एक अन्य ज्वेलर्स के यहां नकली सोना गिरवी रखकर लगभग 25 लाख रुपये ठगने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई कर संदिग्धों को दबोच लिया। पूछताछ के बाद राजनांदगांव में उनके किराए के मकान की जानकारी मिली, जहां से कुछ आरोपी ट्रेन के जरिए फरार हो चुके थे। इसके बाद तकनीकी सुरागों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरपीएफ नागपुर के सहयोग से ट्रेन में भाग रहे दो महिलाओं सहित चार आरोपियों को धर दबोचा गया।
इस पूरी कार्रवाई में पुलिस ने गिरोह के 6 सदस्यों श्याम सिंह उर्फ लाखन नायक, गोविन्द नायक उर्फ गिरीराज, प्रहलाद नायक, अर्जुन नायक, राजबती नायक और मंजू नायक को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 23 नग नकली सोने की पत्तियां, 1 असली सोने की पत्ती, एक पैशन प्रो मोटरसाइकिल, 16,190 रुपये नकद, 6 कमर की गुप्त थैलियां, कोरा बिल, आधार व एटीएम कार्ड, हथौड़ी, पेचकस और स्क्रूड्राइवर बरामद किया गया है।
दुर्ग पुलिस ने सभी ज्वेलर्स व्यापारियों से अपील की है कि वे कीमती धातु गिरवी रखते समय उसकी वैज्ञानिक और प्रमाणित शुद्धता की जांच अवश्य करवाएं तथा बड़ी रकम का लेन-देन पर्याप्त सत्यापन के बाद ही करें।

