कबीरधाम (छत्तीसगढ़):-जिले के थाना सिटी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हरिनछपरा में एक धार्मिक आयोजन के दौरान नाबालिग बालक पर चाकू से हमला करने का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित वैधानिक कार्रवाई करते हुए जहां मुख्य प्रकरण दर्ज किया है, वहीं शांति व्यवस्था भंग करने की आशंका के चलते तीन युवकों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया है।
घटना का विवरण
बीती 28 सितंबर 2026 को ग्राम हरिनछपरा में ‘सतनाम धूनी’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम के दौरान गाली-गलौज करने से मना करने पर विवाद उत्पन्न हो गया। आरोप है कि इस दौरान आरोपियों ने नाबालिग बालक के साथ गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी और उसके पेट में चाकू से वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के तुरंत बाद घायल बालक को उपचार के लिए जिला अस्पताल, कवर्धा ले जाया गया।
इस संबंध में थाना सिटी कोतवाली, कवर्धा में आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 433/2026, धारा 296, 115(2), 351(3), 118(1), 3(5) के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।
तीन युवकों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई
कबीरधाम पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव (IPS) के स्पष्ट निर्देश हैं कि धार्मिक आयोजनों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने और अनावश्यक विवाद उत्पन्न कर जिले का माहौल बिगाड़ने वाले असामाजिक तत्वों को बख्शा न जाए।
उक्त निर्देशों के परिपालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार व अमित कुमार पटेल के मार्गदर्शन तथा डीएसपी मुख्यालय आशीष शुक्ला के दिशा-निर्देशन में थाना सिटी कोतवाली प्रभारी निरीक्षक लालजी सिन्हा द्वारा सख्त कदम उठाए गए। इस प्रकरण से जुड़े तीन युवकों—
- कृस्टल गर्ग
- कुनाल चतुर्वेदी
- समीर पात्रे (सभी निवासी ग्राम भालूचुवा, थाना भोरमदेव, जिला कबीरधाम)
—के विरुद्ध शांति व्यवस्था भंग करने तथा संज्ञेय अपराध घटित करने की आशंका को देखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170 सहपठित धारा 126 एवं 135(3) के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया के उपरांत तीनों युवकों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
पुलिस की अपील
कबीरधाम पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि धार्मिक आयोजनों एवं सार्वजनिक स्थलों पर शांति, भाईचारा और सद्भाव बनाए रखें। किसी भी प्रकार का विवाद उत्पन्न करने या कानून व्यवस्था को हाथ में लेने का प्रयास न करें। जिले में अशांति फैलाने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध पुलिस का यह सख्त रवैया आगे भी जारी रहेगा।
