कबीरधाम जिले में नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी और प्रभावी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है। राजनांदगांव रेंज पुलिस महानिरीक्षक अजय कुमार यादव (IPS) के निर्देशों के परिपालन में कबीरधाम पुलिस ने 15 अलग-अलग प्रकरणों में जब्त किए गए कुल 997.827 किलोग्राम मादक पदार्थ (गांजा) को विधिवत नष्ट कर दिया है। भट्ठी में जलाकर नष्ट किए गए इस गांजे की अनुमानित बाजार कीमत 5 करोड़ 10 लाख 54 हजार 650 रुपये आंकी गई है।

विपुल कृषि फार्म की भट्ठी में हुआ विनिष्टीकरण
यह कार्रवाई जिला स्तरीय ड्रग्स डिस्पोजल कमेटी के अध्यक्ष एवं कबीरधाम पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव (IPS), समिति सदस्य व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार तथा जिला आबकारी अधिकारी मुकेश पाण्डेय की मौजूदगी में संपन्न हुई।

दिनांक 13 अक्टूबर 2026 को तहसील पंडरिया के ग्राम किशुनगढ़ स्थित विपुल फुड्स (विपुल कृषि फार्म) की भट्ठी (Furnace) में कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए 26 नवंबर 2025 से 11 अगस्त 2026 के मध्य जब्त गांजे को आग के हवाले कर नष्ट किया गया।
इन 5 थानों में दर्ज प्रकरणों का माल किया गया खाक
ड्रग्स डिस्पोजल कमेटी द्वारा जिले के 5 प्रमुख थानों के एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत दर्ज मामलों के माल का विनिष्टीकरण किया गया:
- थाना बोडला: अपराध क्रमांक 198/2025, 01/2026
- थाना चिल्फी: अपराध क्रमांक 04/2026, 07/2026, 14/2026
- थाना कवर्धा: अपराध क्रमांक 24/2026, 148/2026, 210/2026, 216/2026, 217/2026, 222/2026
- थाना सहसपुर लोहारा: अपराध क्रमांक 64/2026, 218/2026
- थाना पिपरिया: अपराध क्रमांक 86/2026, 176/2026
वरिष्ठ अधिकारियों एवं टीम की मौजूदगी
गांजा नष्टीकरण के दौरान एसडीओपी (अजाक/क्राइम) प्रशांत देवांगन, एएनटीएफ (ANTF) प्रभारी निरीक्षक महेश प्रधान, उप निरीक्षक उत्तम साहू, डीसीबी शाखा प्रभारी सहायक उप निरीक्षक उदल मरकाम, प्रधान आरक्षक शोभाराम चंद्रवंशी सहित संबंधित थानों व चौकियों के अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
कबीरधाम पुलिस की आमजनों से अपील:
कबीरधाम पुलिस नशामुक्त और सुरक्षित समाज के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। पुलिस अधीक्षक ने नागरिकों से अपील की है कि मादक पदार्थों की अवैध बिक्री, परिवहन या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि नशे के सौदागरों के खिलाफ सख्त से सख्त वैधानिक कार्रवाई जारी रखी जा सके।
