
बेमेतरा:-राजस्व पटवारी संघ छत्तीसगढ़ की जिला इकाई बेमेतरा द्वारा अपनी 3 सूत्रीय मांगों को लेकर विगत 13 अक्टूबर 2026 से शुरू की गई अनिश्चितकालीन हड़ताल आज 10वें दिन भी जारी रही। बेमेतरा के जय स्तंभ चौक पर एकत्र होकर जिले भर के पटवारियों ने एक सुर में शासन व प्रशासन के खिलाफ हुंकार भरी।
तकनीकी समस्याओं और स्थानांतरण से आक्रोश:
पटवारी संघ का कहना है कि PV App के माध्यम से कराए जा रहे फसल के भौतिक सत्यापन कार्य में भारी व्यावहारिक एवं तकनीकी समस्याएं आ रही हैं। इसके अलावा वेतन विसंगति दूर करने और पदोन्नति की मांगों को लेकर पहले ही ज्ञापन दिया जा चुका है, लेकिन शासन-प्रशासन द्वारा अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उल्टा कुछ जिलों में PV App पर काम न कर पाने के कारण पटवारियों का स्थानांतरण कर दिया गया है, जिसे निरस्त करने की मांग पटवारी कर रहे हैं।
पूर्व विधायक और अन्य संघों का मिला समर्थन:
हड़ताल के 10वें दिन बेमेतरा विधानसभा के पूर्व विधायक एवं जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष आशीष छाबड़ा ने अपनी पूरी टीम के साथ धरना स्थल पहुंचकर लिखित में पूर्ण समर्थन दिया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि “पटवारियों की तीनों मांगें पूरी तरह जायज हैं। सरकार किसान और कर्मचारी विरोधी है, जिसे इन समस्याओं की ओर ध्यान देना चाहिए।” उनके साथ पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष शकुंतला मंगत राम साहू ने भी मांगों का समर्थन किया।
इसके अलावा छत्तीसगढ़ पेंशनर संघ और निःशक्तजन सेवा संघ के मुख्य सलाहकार के. एल. दुबे ने भी मंच साझा करते हुए पटवारियों को अपना लिखित समर्थन दिया।
जनता परेशान, राजस्व कार्य पूरी तरह ठप्प:
पटवारियों के हड़ताल पर रहने के कारण नामांतरण, प्रतिवेदन, आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र और राजस्व न्यायालय से जुड़े सभी कार्य पूरी तरह ठप्प हो गए हैं। तहसील कार्यालयों में ग्रामीण व हितग्राही भटकने को मजबूर हैं, लेकिन शासन-प्रशासन की ओर से संवाद का कोई प्रयास नहीं दिख रहा है, जिससे आम जनता और कर्मचारियों दोनों में भारी नाराजगी है।
धरना प्रदर्शन के दौरान पटवारी संघ की ओर से सुरेश चंद्र यादव ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जबकि मंच का संचालन पटवारी राजेश कुमार सोनी ने किया। इस दौरान किसान कांग्रेस, NSUI, जनपद व जिला पंचायत सदस्यों सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और पटवारी उपस्थित रहे।
