
(नवरात्र के 9 दिनों की भक्ति के बाद महाअष्टमी व महानवमी पर गूंजे जयकारे, सहसपुर में झूले वाली नवदुर्गा प्रतिमा रही चर्चा का विषय)
■देवकर:- देवकर के निकटवर्ती ग्राम सहसपुर स्थित प्राचीन शिव मंदिर प्रांगण में इस वर्ष नवरात्रि का पर्व बड़े ही धूमधाम, भक्तिभाव और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस बार सहसपुर सहित पूरे क्षेत्र की नवरात्रि के दरम्यान कौतूहल और आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी रही। वही गाँव के प्राचीन शिव मंदिर प्रांगण में स्थापित माँ दुर्गा के नवदुर्गा स्वरूप की प्रतिमा को एक भव्य झूले में झूलते हुए स्वरूप में विराजमान किया गया था, जिसे देखने और माँ का आशीर्वाद लेने के लिए पूरे नौ दिनों तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। चूँकि भक्ति और कला के इस अनोखे संगम की चर्चा अब आसपास के पूरे क्षेत्र में जोरों पर है। दरअसल नवरात्रि के पावन पर्व पर पूरे नौ दिनों तक निर्धारित समय पर माँ जगदम्बा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना और आरती संपन्न की गई। बीते दिन महाअष्टमी एवं महानवमी के पावन अवसर पर मंदिर परिसर में विशेष पूजा-याचना, हवन-पूजन और सांस्कृतिक व धार्मिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में सहसपुर के ग्रामीणों के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। आरती के समय पूरा मंदिर परिसर “जय माता दी” और “हर-हर महादेव” के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान हो उठा। फिलहाल ग्राम सहसपुर के प्राचीन शिव मंदिर की इस अनोखी झूले वाली प्रतिमा का दर्शन करने के लिए न केवल स्थानीय नागरिक, बल्कि दूर-दराज के क्षेत्रों से भी लोग परिवार सहित पहुँचे। जिसमे स्थानीय श्रद्धालुओं ने माँ दुर्गा के इस मनमोहक और अद्वैत रूप के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय ग्रामीणों और आयोजन समिति का विशेष योगदान रहा।
