
◆आंधी-तूफान के बहाने रात-रात भर गुल रहती है बत्ती
बेमेतरा:- भीषण गर्मी के बीच इन दिनों बेमेतरा जिले के ग्रामीण अंचलों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे आम जनता का जीना मुहाल हो गया है। साजा विद्युत संभाग के अंतर्गत आने वाले बेरला, देवकर, भिम्भौरी, परपोड़ी, देवरबीजा, आनंदगांव, सरदा, खम्हरिया और साजा वितरण केंद्र (डीसी) के तहत आने वाले कई दर्जनों गांवों में इन दिनों बिजली की अघोषित कटौती और बार-बार हो रही आंखमिचौली ने ग्रामीणों की रातों की नींद और दिन का चैन छीन लिया है। फिलहाल के दौर में चढ़ते पारे के साथ ही घरों में कूलर, पंखों और खेतों में सिंचाई पंपों के अत्यधिक उपयोग से विद्युत सब-स्टेशनों और ट्रांसफार्मरों पर ओवरलोड की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। इसका सीधा असर वोल्टेज पर पड़ रहा है, जिससे कई इलाकों में लो-वोल्टेज के कारण उपकरण शोपीस बनकर रह गए हैं। हद तो तब हो जाती है जब जरा सी तेज हवा या आंधी चलते ही सुरक्षा के नाम पर बिजली बंद कर दी जाती है, जो फिर पूरी रात गायब रहती है। इस उमस और झुलसा देने वाली गर्मी में बिना बिजली के रात काटना बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों के लिए किसी सजा से कम नहीं साबित हो रहा है।
हालांकि इस संकट के बीच राहत की बात सिर्फ इतनी है कि सूचना मिलने पर विद्युत विभाग के मैदानी कर्मचारी पूरी मुस्तैदी और दल-बल के साथ मौके पर पहुंचते हैं और भारी मशक्कत के बाद फॉल्ट को सुधारते हैं। लेकिन बुनियादी ढांचे की कमजोरी और क्षमता से अधिक लोड होने के कारण यह सुधार महज कुछ घंटों की फौरी राहत ही साबित हो रहा है, और कुछ देर बाद स्थिति जस की तस हो जाती है। बार-बार बत्ती गुल होने की इस समस्या से परेशान और आक्रोशित ग्रामीण अब विभाग और जिला प्रशासन से इस समस्या के स्थायी निराकरण, नए ट्रांसफार्मर लगाने और जर्जर तारों को बदलने की मांग कर रहे हैं ताकि उन्हें इस कष्टदायक जीवन से मुक्ति मिल सके।
