
■बेमेतरा:- जिला मुख्यालय सहित पूरे बेमेतरा जिले में पिछले कई दिनों से पेट्रोल- डीजल की भारी किल्लत के कारण हाहाकार मचा हुआ है। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि वैश्विक महामारी कोरोनाकाल के बाद जिले में पहली बार ईंधन का ऐसा भीषण अकाल देखा जा रहा है। बेमेतरा के पिकरी और सिंघौरी क्षेत्र में इस संकट के दो बिल्कुल विपरीत और चौंकाने वाले नजारे देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां पिकरी स्थित पेट्रोल पंप पूरी तरह ड्राय (सूखा) होने के कारण सन्नाटे में वीरान पड़ा है जिस पर वाहनों की जगह बेसहारा मवेशियों के झुंड ने वहां अपना डेरा जमा लिया है, वहीं दूसरी तरफ सिंघौरी बस्ती के चालू पंप पर ईंधन लूटने जैसी मारामारी मची है। सिंघौरी में किलोमीटर लंबी गाड़ियों की कतार और बेकाबू भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को स्टेट हाईवे पर पुलिस बल तैनात करना पड़ा है।
दरअसल इस विकराल संकट के बीच जिला प्रशासन के दावों और जमीनी हकीकत का बड़ा विरोधाभास खुलकर सामने आ गया है। जिले के अधिकांश आधुनिक फ्यूल स्टेशन ईंधन की किल्लत के कारण बंद होकर या तो लावारिस वाहनों की पार्किंग बन चुके हैं या फिर आवारा पशुओं की शरणस्थली में तब्दील हो गए हैं। वहीं, जिन इक्का-दुक्का पंपों पर पेट्रोल उपलब्ध है, वहां भीषण गर्मी के बीच उपभोक्ता घंटों कतारों में हांफते हुए अपनी बारी का इंतजार करने को मजबूर हैं। ईंधन पाने के लिए जनता की यह अंतहीन जद्दोजहद और पंपों पर पसरी बदहाली साफ बयां कर रही है कि क्षेत्र में ईंधन आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और प्रशासन की जमीनी तैयारियां पूरी तरह फेल साबित हो रही हैं।
