भिलाई/दुर्ग:
आईपीएल (IPL) सीजन में ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ दुर्ग पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। छावनी पुलिस और एसीसीयू (ACCU) की संयुक्त टीम ने हैदराबाद में बैठकर छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों से ऑपरेट हो रहे एक बड़े ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मास्टरमाइंड कुणाल वर्मा समेत कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के पास से करोड़ों रुपये के वित्तीय ट्रांजेक्शन का खुलासा हुआ है और इनके खातों में पहले से ही 63 साइबर शिकायतें दर्ज हैं।
स्लम एरिया के लोगों के नाम पर खुलवाते थे ‘म्यूल अकाउंट’
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे गिरोह का नेटवर्क तब सामने आया जब 16 मई 2026 को पुलिस ने चरौदा निवासी जावेद अख्तर और आभास जायसवाल को संदिग्ध बैंक खातों के साथ दबोचा। पूछताछ में उन्होंने खुलासा किया कि वे स्लम एरिया (गरीब बस्तियों) और सीधे-साधे लोगों को लालच देकर उनके नाम पर विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाते थे और नए सिम कार्ड खरीदते थे।
ये लोग पासबुक, एटीएम, चेकबुक और सिम कार्ड का पूरा सेट कुरूद जामुल निवासी कुणाल वर्मा को 25,000 रुपये प्रति पासबुक की दर से बेच देते थे। कुणाल वर्मा इन ‘म्यूल अकाउंट्स’ (फर्जी खातों) का उपयोग ऑनलाइन सट्टे के पैसों के लेन-देन, डिपॉजिट और विड्रॉल के लिए करता था।
हैदराबाद की सोसायटियों में चल रहा था कंट्रोल रूम
मास्टरमाइंड कुणाल वर्मा स्वयं ‘Sat Sport Book’ चलाता था। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने बताया कि वह अपने साथियों के साथ हैदराबाद के अल्फापुरम स्थित ‘एस.एस. रेसीडेंसी’, शमसाबाद की ‘नक्षत्र सोसायटी’ और रोहित चौहान के साथ मिलकर ‘H Lotas 13’ व ‘CP 07 क्रैक पल्स बुक’ नाम का पैनल चला रहा था। वह छत्तीसगढ़ से स्थानीय लड़कों को मोटी सैलरी का लालच देकर हैदराबाद ले जाता था और उनसे सट्टे का संचालन करवाता था।
5 करोड़ का ट्रांजेक्शन, 10 लाख का माल और नगदी जप्त
पुलिस ने हैदराबाद में दबिश देकर कुणाल वर्मा समेत 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से सट्टे में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और नगदी बरामद की गई है, जिसकी कुल कीमत करीब 10 लाख रुपये आंकी गई है। जप्त सामानों में शामिल हैं:
- लैपटॉप: 09 नग
- मोबाइल: 46 नग
- बैंक पासबुक: 23 नग
- एटीएम कार्ड: 107 नग
- सिम कार्ड: लगभग 20 नग
- नगद राशि: 2,57,000/- रुपये
पुलिस को जांच में विभिन्न बैंक खातों के जरिए 5 करोड़ रुपये से अधिक के ट्रांजेक्शन का पता चला है, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है।
लगेगी संगठित अपराध की धारा, संपत्ति होगी खंगाली
दुर्ग पुलिस के मुताबिक, यह एक पूरी तरह से संगठित आपराधिक नेटवर्क (Organised Crime) है। इसलिए मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संगठित अपराध से जुड़ी कड़ी धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब सभी आरोपियों की संपत्तियों का विवरण खंगाल रही है ताकि अवैध कमाई से बनाई गई संपत्ति को कुर्क किया जा सके। साथ ही कुणाल वर्मा को पैनल बेचने वाले ऊपरी नेटवर्क (किंगपिन) की भी तलाश की जा रही है।
इस वर्ष आईपीएल सीजन में सट्टेबाजों के खिलाफ दुर्ग पुलिस की यह 14वीं बड़ी कार्रवाई है। मामले में शामिल कुछ अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम रवाना कर दी गई है।
दर्ज हुआ मामला:
थाना छावनी में अपराध क्रमांक 320/2026 के तहत धारा 318(4), 319, 317(2), 317(4), 111, 61(2) बीएनएस (BNS) तथा छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम:
- कुणाल वर्मा (23 साल, कुरूद) – मास्टरमाइंड
- रोहित चौहान (21 साल, सुपेला)
- विक्की कुमार साहू (24 साल, दुर्ग)
- अभिषेक भारती (23 साल, भिलाई)
- गुफरान खान (32 साल, भोपाल, म.प्र.)
- राजकुमार पासवान (27 साल, सुपेला)
- तुकेश्वर साहू (21 साल, भिलाई)
- जेदखान (25 साल, भोपाल, म.प्र.)
- के श्रीनु (25 साल, भिलाई)
- शेख सद्दाम (24 साल, भिलाई)
- विकास राय (21 साल, सुपेला)
- विकास निषाद (20 साल, भिलाई)
- प्रतीक पटेल (20 साल, वैशाली नगर)

