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बेरला: मोहर्रम पर सरकारी दफ्तर और स्वास्थ्य केंद्र बंद, लेकिन शराब दुकानें रहीं गुलजार; ग्रामीणों में भारी आक्रोश

बेरला/बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में प्रशासन की प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक ओर जहाँ मोहर्रम के अवसर पर घोषित अवकाश के कारण तहसील और एसडीएम कार्यालय से लेकर स्कूल-कॉलेज तक सब कुछ बंद रहा, वहीं आमजन की बुनियादी सेवा ‘स्वास्थ्य केंद्र’ भी बंद पाया गया। हैरानी की बात यह है कि इन सबके उलट ब्लॉक बेरला के सरदा और बेरला में स्थित सरकारी देशी व अंग्रेजी शराब दुकानें पूरे दिन खुली रहीं और वहां धड़ल्ले से बिक्री होती रही।

स्वास्थ्य केंद्र बंद, शराब दुकान चालू

ग्रामीणों ने बताया कि मोहर्रम पर्व के चलते जिला प्रशासन ने सभी सरकारी और अशासकीय कार्यालयों में अवकाश घोषित किया था। इस दौरान कृषि विभाग, बीईओ कार्यालय, महिला एवं बाल विकास विभाग, बैंक और शिक्षण संस्थान पूरी तरह बंद रहे। आलम यह रहा कि ग्राम रेवे स्थित ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ (उप-स्वास्थ्य केंद्र) के ताले नहीं खुले, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की तलाश में आने वाले मरीजों को मायूसी हाथ लगी।

क्या शराब ही सरकार की प्राथमिकता?

इस दोहरे मापदंड को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। क्षेत्र के जनसेवक रविन्द्र भास्कर चौबे ने प्रशासन पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि एक तरफ त्योहार के दिन मरीजों को भगवान भरोसे छोड़कर स्वास्थ्य केंद्र बंद कर दिया गया, वहीं दूसरी ओर शराब दुकानों का खुला रहना सरकार की मंशा पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है। ग्रामीणों ने तीखे सवाल किए हैं कि क्या छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था केवल शराब बिक्री से ही चल रही है?

प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग

क्षेत्रवासियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में त्यौहारों के दौरान शराब दुकानों को बंद रखने के स्पष्ट और कड़े निर्देश जारी किए जाएं। साथ ही, उन्होंने यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि भविष्य में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं किसी भी सूरत में बाधित न हों। इस पूरे मामले में आबकारी और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की चुप्पी ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

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