बेमेतरा/बेरला:- बेरला क्षेत्र के ग्राम तेलगा से बीते दिनों मानवता व सेवाभाव का शानदार नज़ारा देखने को मिला। जिसमे आधी रात के सन्नाटे में जब रायपुर के प्राइवेट संजीवनी अस्पताल में भर्ती एक कैंसर मरीज की सांसें जिंदगी और मौत के बीच झूल रही थीं, तब तेलगा निवासी रक्तवीर पोषण निर्मलकर मानवता का मसीहा बनकर सामने आए। महज एक फोन कॉल पर, बिना एक पल गंवाए, आधी रात को अस्पताल पहुंचकर उन्होंने अपना 28वां रक्तदान किया और तड़पती हुई जिंदगी को नया जीवनदान दे दिया। उनका यह त्वरित और निस्वार्थ कदम यह साबित करता है कि इंसानियत आज भी जिंदा है; जब दुनिया सो रही थी, तब यह जांबाज युवा किसी अनजान शख्स की रगों में जिंदगी का नया संचार करने के लिए दौड़ रहा था। गौरतलब है, कि पोषण निर्मलकर इससे पहले भी 27 बार संकट के समय रक्तदान कर बेरला ब्लॉक सहित पूरे आसपास के क्षेत्र में एक अद्वितीय और बेजोड़ रिकॉर्ड कायम कर चुके हैं। उनके इस 28वें रक्तदान के बाद पूरे क्षेत्र में उनके प्रति सम्मान और सराहना की एक जबरदस्त लहर दौड़ गई है।जिसमे सोशल मीडिया से लेकर चौक-चौराहों तक लोग उनके इस जज्बे को सलाम कर रहे हैं।चूंकि समाज सेवा की यह अनोखी मिसाल आज क्षेत्र के हज़ारो युवाओं के लिए एक प्रेरणास्रोत बन चुकी है, जो सिखाती है कि सच्ची मानवता किसी के काम आने में ही निहित है।
