बेरला/बेमेतरा। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत बेरला विकासखंड की ग्राम पंचायत भटगांव में कराए गए निर्माण कार्य पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। जनसेवक रविन्द्र भास्कर चौबे ने ‘आजीविका डबरी’ निर्माण में भारी लापरवाही और वित्तीय अनियमितता की शिकायत की है।

गुणवत्ताविहीन निर्माण से मचा हड़कंप
आरोप है कि हितग्राही टीकाराम और सियाराम साहू के खेतों में बनाई गई डबरी में गुणवत्ता के सभी मानकों को ताक पर रख दिया गया है। निर्माण में बेहद घटिया और कमजोर पत्थरों का उपयोग किया गया है, जो मामूली दबाव से ही बिखर रहे हैं। मौके पर स्थिति यह है कि डबरी का ढांचा तकनीकी रूप से बेहद कमजोर है, जहां कई जगहों पर खुली जमीन और मिट्टी साफ दिखाई दे रही है।

सामग्री के नाम पर खेल की आशंका
भास्कर चौबे ने आशंका जताई है कि डबरी की खुदाई के दौरान जो पत्थर निकले, उन्हीं का उपयोग निर्माण कार्य में कर लिया गया है। इस पूरी प्रक्रिया में शासकीय राशि का दुरूपयोग कर बंदरबांट करने का गंभीर आरोप लगाया गया है।
क्या हैं निर्माण के आंकड़े?
नागरिक सूचना पटल पर दर्ज जानकारी के अनुसार:
- प्रशासनिक स्वीकृति: 13 जनवरी 2026 (राशि 3.00 लाख रुपये)
- कुल मजदूरी व्यय: 2.50 लाख रुपये
- कुल सामग्री व्यय: 0.41 लाख रुपये
- कुल मानव दिवस: 988 दिन
- कार्य अवधि: 9 फरवरी 2026 से 30 मार्च 2026 तक
उच्च स्तरीय जांच की मांग
रविन्द्र भास्कर चौबे ने सवाल उठाया है कि जिस कार्य के लिए 988 मानव दिवस और लाखों रुपये खर्च किए गए, उसकी ऐसी दयनीय स्थिति होना बड़े भ्रष्टाचार का संकेत है। उन्होंने जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है ताकि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो सके और मनरेगा जैसी महत्वाकांक्षी योजना की राशि को बर्बाद होने से बचाया जा सके।
