रायपुर: छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की कक्षा 10वीं और 12वीं की प्रैक्टिकल परीक्षाएं 1 जनवरी 2025 से शुरू होने जा रही हैं। इस वर्ष बोर्ड परीक्षाएं समय से पहले (20 फरवरी) आयोजित होने के कारण प्रैक्टिकल परीक्षाओं के शेड्यूल में भी बदलाव किया गया है। मंडल ने स्पष्ट किया है कि प्रैक्टिकल परीक्षा में अनुपस्थित रहने वाले छात्रों को दोबारा अवसर नहीं दिया जाएगा।
प्रमुख निर्देश और महत्वपूर्ण तिथियाँ
प्रैक्टिकल परीक्षाओं के सुचारू संचालन के लिए मंडल ने निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- समय सीमा: परीक्षाएं 1 जनवरी से 20 जनवरी के मध्य आयोजित की जाएंगी।
- अनिवार्य उपस्थिति: सभी विद्यार्थियों का उपस्थित होना अनिवार्य है। किसी भी स्थिति में विशेष अनुमति या दोबारा परीक्षा का प्रावधान नहीं है।
- बाह्य परीक्षक (External Examiner): प्रैक्टिकल केवल मंडल द्वारा नियुक्त बाह्य परीक्षकों की उपस्थिति में ही मान्य होंगे। स्कूल अपनी मर्जी से परीक्षक नियुक्त नहीं कर सकते।
- आंतरिक परीक्षक: स्कूल स्तर पर विषय शिक्षकों को आंतरिक परीक्षक नियुक्त किया जाएगा।
- प्रोजेक्ट वर्क: प्रोजेक्ट के लिए मंडल द्वारा अलग से बाह्य परीक्षक नियुक्त नहीं किए जाएंगे।
लापरवाही पर रद्द हो सकती है परीक्षा
मंडल ने चेतावनी दी है कि यदि कोई स्कूल नियमों का उल्लंघन कर स्वयं बाह्य परीक्षक नियुक्त करता है, तो उस परीक्षा को अमान्य कर दिया जाएगा। साथ ही, पात्रता के अभाव में जिन विद्यार्थियों के आवेदन निरस्त किए गए हैं, उनके प्रायोगिक अंक भी मान्य नहीं होंगे।
अधिकारियों का होगा ‘सरप्राइज विजिट’
परीक्षाओं की गंभीरता बनाए रखने के लिए मंडल के अधिकारी स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण करेंगे। उत्तरपुस्तिकाओं के लिए निर्देश दिया गया है कि पिछले वर्षों की बची हुई कॉपियों का उपयोग किया जाए। यदि कॉपियां कम पड़ती हैं, तो स्कूल प्रबंधन को स्थानीय स्तर पर इसकी व्यवस्था करनी होगी।
संस्था प्रमुखों की जिम्मेदारी: विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने और परीक्षा को पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने की पूरी जिम्मेदारी स्कूल के प्राचार्य की होगी।

