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धमतरी पुलिस को बड़ी सफलता: 5 लाख की इनामी महिला नक्सल कमांडर ने किया आत्मसमर्पण

धमतरी। छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत पुलिस को एक महत्वपूर्ण कामयाबी मिली है। लंबे समय से सक्रिय और खौफ का पर्याय बनी 5 लाख रुपए की इनामी महिला नक्सली भूमिका उर्फ गीता उर्फ सोमारी ने आखिरकार हिंसा का रास्ता छोड़ समाज की मुख्यधारा में जुड़ने का फैसला किया है।

​मंगलवार को धमतरी पुलिस अधीक्षक (SP) सूरज सिंह परिहार के समक्ष भूमिका ने बिना हथियार के आत्मसमर्पण किया। वह ‘गोबरा एलओएस’ (LOS) कमांडर के पद पर तैनात थी और छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमावर्ती इलाकों में संगठन की एक बेहद मजबूत कड़ी मानी जाती थी।

​संगठन के भेदभाव और हिंसा से थी क्षुब्ध

​मूल रूप से बीजापुर जिले के गंगालूर (ग्राम पुसनार) की रहने वाली 37 वर्षीय भूमिका ने समर्पण के पीछे संगठन की खोखली विचारधारा को मुख्य कारण बताया। पुलिस के अनुसार:

  • भेदभावपूर्ण व्यवहार: संगठन के भीतर होने वाले आंतरिक भेदभाव से वह परेशान थी।
  • पारिवारिक दूरी: दांपत्य और पारिवारिक जीवन से लगातार वंचित रहने के कारण वह मानसिक बोझ महसूस कर रही थी।
  • हिंसा से मोहभंग: लंबे समय तक हिंसा देखने के बाद वह शांतिपूर्ण जीवन जीना चाहती थी।

​2005 से 2025: दो दशकों का ‘आतंक’ का सफर

​भूमिका का नक्सली सफर लगभग 20 साल लंबा रहा। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उसकी सक्रियता का घटनाक्रम इस प्रकार है:

वर्षपद / जिम्मेदारी
2005 – 2010माओवादी संगठन में प्रवेश और प्लाटून-01 में प्रशिक्षण।
2011 – 2019ओडिशा राज्य कमेटी में शीर्ष नेता सीसीएम संग्राम की सुरक्षा टीम में शामिल।
2019 – 2023सीनापाली एरिया कमेटी में सदस्य (ACM) के रूप में कार्य।
2023 – 2025गोबरा एलओएस कमांडर और नगरी-सीतानदी एरिया कमेटी में सक्रिय।

कई बड़ी मुठभेड़ों में थी शामिल

​भूमिका के खिलाफ विभिन्न थानों में कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह ओडिशा के पड़कीपाली (2010), बीजापुर के तिमेनार (2018), गरियाबंद के ताराझार (2023) और धमतरी के एकावरी (2024) सहित हाल ही में 2025 में हुए मांदागिरी मुठभेड़ में भी शामिल रही थी।

​शासन की नीति के तहत तत्काल सहायता

​आत्मसमर्पण के तुरंत बाद छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति के तहत भूमिका को 50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। एसपी सूरज सिंह परिहार ने बताया कि उसे पुनर्वास योजना के तहत अन्य सभी शासकीय लाभ भी दिए जाएंगे ताकि वह अपना नया जीवन सम्मान के साथ शुरू कर सके।

एसपी का संदेश: पुलिस ने अन्य सक्रिय नक्सलियों से भी अपील की है कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण करें और शासन की पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं।

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