राजिम | छत्तीसगढ़ के प्रयागराज के नाम से विख्यात राजिम एक बार फिर सनातन संस्कृति, अटूट आस्था और धर्म के त्रिवेणी संगम का साक्षी बनने जा रहा है। माघ पूर्णिमा (1 फरवरी) से महाशिवरात्रि (15 फरवरी) तक आयोजित होने वाले इस 15 दिवसीय ‘राजिम कुंभ कल्प 2026’ की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इस वर्ष भी यह भव्य आयोजन नए मेला स्थल चौबेबांधा में संपन्न होगा।
✨ राज्यपाल करेंगे शुभारंभ, दिग्गज नेता रहेंगे मौजूद
कुंभ कल्प का औपचारिक उद्घाटन 1 फरवरी को राज्यपाल रमेन डेका के करकमलों से होगा। समारोह की अध्यक्षता पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल करेंगे। इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रूपकुमारी चौधरी सहित क्षेत्र के तमाम विधायक और जनप्रतिनिधि अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
🕉️ देशभर के संत-महात्माओं का होगा दिव्य समागम
राजिम की पावन धरा पर देशभर के प्रतिष्ठित संतों का जमावड़ा लगेगा। दंडी स्वामी डॉ. इन्दुभवानन्द तीर्थ, स्वामी सच्चिदानंद तीर्थ, महंत रामसुंदर दास, और साध्वी प्रज्ञा भारती सहित कई विद्वान संत श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देंगे। संतों के इस समागम से पूरा राजिम क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहेगा।
🌟 मुख्य आकर्षण: महानदी आरती और पंडोखर सरकार का दरबार
इस वर्ष कुंभ कल्प में श्रद्धालुओं के लिए कई विशेष आयोजन किए जा रहे हैं:
- महानदी आरती: प्रतिदिन शाम 6:30 बजे भव्य महाआरती होगी।
- पंडोखर सरकार का सत्संग: 9 से 11 फरवरी तक संत गुरूशरण जी महाराज (पंडोखर सरकार) का दिव्य दरबार लगेगा, जो प्रतिदिन शाम 4 से रात 9 बजे तक चलेगा।
- सांस्कृतिक संध्या: प्रतिदिन शाम 4 बजे से स्थानीय एवं राष्ट्रीय कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंग
📊 एक नज़र में कार्यक्रम की रूपरेखा
| आयोजन | तिथि / समय |
|---|---|
| प्रारंभ (माघ पूर्णिमा) | 1 फरवरी 2026 |
| समापन (महाशिवरात्रि) | 15 फरवरी 2026 |
| मुख्य सत्संग (पंडोखर सरकार) | 9-11 फरवरी |
| प्रतिदिन आरती | शाम 6:30 बजे |
| आयोजन स्थल | नया मेला ग्राउंड, चौबेबांधा (राजिम) |
“राजिम कुंभ कल्प न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और परंपरा को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने का एक सशक्त माध्यम है।”
जिला प्रशासन गरियाबंद और धर्मस्व विभाग ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। स्नान कुंड से लेकर ठहरने की व्यवस्था तक को अंतिम रूप दे दिया गया है।

