राजनांदगांव। जिले की पुलिस ने अपनी सजगता और सूझबूझ से एक बड़ी वारदात को होने से पहले ही टाल दिया है। पुलिस ने पद्मश्री श्रीमती फुलबासन देवी यादव के अपहरण की साजिश को विफल करते हुए उन्हें सुरक्षित मुक्त करा लिया है। इस मामले में एक महिला सहित 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
ट्रैफिक चेकिंग के दौरान पकड़ा गया मामला
घटना 5 मई 2026 की सुबह लगभग 11:00 बजे की है। गठुला रोड क्षेत्र में ट्रैफिक निरीक्षक नवरत्न कश्यप और उनकी टीम नियमित वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध स्कॉर्पियो (CG 08 Z 2334) को रोका गया।
वाहन की जांच के दौरान पुलिस ने पीछे बैठी एक महिला को डरा-सहमा पाया। जब पुलिस ने पूछताछ की, तो कार सवार आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और कहा कि महिला मिर्गी की मरीज है और उन्हें अस्पताल ले जाया जा रहा है।
पीड़िता का साहस और पुलिस की तत्परता
आरोपियों की बातों पर शक होने पर पुलिस ने जब कड़ाई से पूछताछ की, तभी कार में बैठी महिला ने साहस दिखाते हुए पुलिस को मदद का इशारा किया। पुलिस ने तुरंत सभी को नीचे उतारकर जांच की, तो पता चला कि वह महिला कोई और नहीं बल्कि प्रसिद्ध समाज सेविका पद्मश्री फुलबासन देवी यादव थीं।
फुलबासन देवी ने बताया कि आरोपियों ने उन्हें बहला-फुसलाकर गाड़ी में बिठाया था और मिर्ची स्प्रे दिखाकर जान से मारने की धमकी दे रहे थे। आरोपी उन पर महिला समूह और अन्य कार्यों को लेकर अनैतिक दबाव बना रहे थे।

गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी
पुलिस ने घेराबंदी कर मौके से 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो बेमेतरा और दुर्ग जिले के रहने वाले हैं:
- खुशबु साहू (27 वर्ष) – बेमेतरा
- सलोनी महेश्वरी – बेमेतरा
- दिनेश बंजारे (35 वर्ष) – बेमेतरा
- गोपाल खेलवार (25 वर्ष) – दुर्ग
- चिनक राम साहू (38 वर्ष) – बेमेतरा
पुलिस ने आरोपियों के पास से मिर्ची स्प्रे, मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो जप्त कर ली है। आरोपियों के खिलाफ सुकुलदैहान चौकी में अपराध क्रमांक 182/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस टीम को मिलेगा इनाम
पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा और आईजी श्री बालाजी राव ने इस साहसी कार्य के लिए ट्रैफिक टीम की सराहना की है और पूरी टीम को उचित पुरस्कार देने की घोषणा की है। घटना के बाद पद्मश्री फुलबासन देवी यादव को कड़ी सुरक्षा प्रदान की गई है।
