कवर्धा। कबीरधाम पुलिस ने बाल तस्करी और बंधुआ मजदूरी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और संवेदनशील कार्रवाई की है। विशेष संरक्षित “बैगा जनजाति” के 13 नाबालिग बच्चों को नरकीय जीवन से मुक्त कराते हुए पुलिस ने 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन बच्चों से मवेशी चराने का कठिन काम लिया जा रहा था और बदले में उन्हें कोई मजदूरी नहीं दी जा रही थी।
लालच देकर माता-पिता से छीना बचपन
मामले का खुलासा तब हुआ जब पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेंद्र सिंह को सूचना मिली कि ग्राम थूहापानी और आसपास के क्षेत्रों से बैगा बच्चों को पैसों का लालच देकर ले जाया गया है। जांच में पता चला कि आरोपी रवि यादव और उसके साथियों ने करीब 6-7 माह पहले बच्चों के माता-पिता को महज 1000 से 2000 रुपये महीने का लालच देकर बच्चों को काम पर रख लिया था।
9-9 घंटे कराते थे काम, नहीं मिलती थी मजदूरी
रेस्क्यू किए गए बच्चों की उम्र 8 से 15 वर्ष के बीच है। बच्चों ने पुलिस को बताया कि उनसे सुबह 6 से 9 बजे तक और फिर दोपहर 12 से शाम 7 बजे तक गाय-बैल चराने और उनकी देखभाल का कठिन श्रम कराया जाता था। उन्हें किसी भी प्रकार का मेहनताना नहीं दिया जाता था, जो मानवाधिकारों और बाल अधिकारों का घोर उल्लंघन है।
पुलिस का ‘ऑपरेशन रेस्क्यू’
एसपी के निर्देश पर विशेष टीम ने भलपहरी, खरहट्टा पाण्डातराई, सारंगपुर कला, कान्हाभैरा और दशरंगपुर के इलाकों में एक साथ दबिश दी। सुरक्षित बचाए गए बच्चों को जिला बाल संरक्षण इकाई और चाइल्ड लाइन की देखरेख में बालगृह भेज दिया गया है, जहाँ उनकी काउंसलिंग की जा रही है।
ये आरोपी हुए गिरफ्तार
पुलिस ने इस संगठित अपराध में शामिल 8 आरोपियों को दबोचा है:
- रामू यादव (भलपहरी)
- रवि यादव (थूहापानी)
- धनीराम यादव (कान्हाभेरा)
- सर्वन यादव (कान्हाभेरा)
- दीपक यादव (कान्हाभेरा)
- रामफल यादव (सारंगपुर)
- राम बिहारी यादव
- रुपेश यादव
कड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज
आरोपियों के खिलाफ थाना भोरमदेव में BNS की धारा 143(5), 146, 61(2) समेत जेजे एक्ट, बंधुआ मजदूर प्रणाली अधिनियम और SC/ST एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
“बच्चे भगवान का रूप हैं, उनसे मजदूरी कराना अमानवीय कृत्य है। हर बच्चे को शिक्षा और सुरक्षा का अधिकार है। जिले में कहीं भी बाल श्रम या तस्करी की सूचना मिले तो तुरंत पुलिस को बताएं, दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”
— धर्मेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक, कबीरधाम
पुलिस टीम की सराहना: इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन में निरीक्षक लालमन साव, उमाशंकर राठौर, नितिन तिवारी और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कबीरधाम पुलिस की इस संवेदनशीलता की पूरे प्रदेश में प्रशंसा हो रही है।
