दुर्ग। शहर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत एक ज्वेलरी दुकान में नकली चांदी के जेवर देकर असली जेवर ठगने वाले दो शातिर ठगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिले के रहने वाले हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी गई चांदी की पायल और रसीद बरामद कर ली है।
क्या है पूरा मामला?
घटना 7 मई 2026 की है। प्रार्थी आशीष जैन (40 वर्ष), जिनकी परेतीन चौक गया नगर में ज्वेलरी दुकान है, ने शिकायत दर्ज कराई कि दो व्यक्ति उनकी दुकान पर आए। उन्होंने पुराने चांदी के पायल और कड़े दिखाकर उन्हें असली बताया और उनके बदले नई चांदी की पायल लेने की इच्छा जताई। आरोपियों ने पुराने जेवर जमा किए और अंतर की राशि 2200 रुपये देकर नई पायल लेकर चले गए।
रात में जब दुकानदार ने जेवरों की गहन जांच की, तो पता चला कि वे किसी नकली धातु के बने थे। ठगी का अहसास होते ही प्रार्थी ने सिटी कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
सीसीटीवी और आधार कार्ड से मिली मदद
शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू की। जांच के दौरान घटनास्थल के आसपास के CCTV फुटेज खंगाले गए और आरोपियों द्वारा दुकान में दिखाए गए पहचान पत्र (आधार कार्ड) के आधार पर उनकी पहचान सुनिश्चित की गई।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर दुर्ग रेलवे स्टेशन के प्रतीक्षालय से दोनों आरोपियों को उस समय दबोच लिया, जब वे शहर छोड़कर भागने की फिराक में थे।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
पकड़े गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
- राजेश साहू (39 वर्ष), निवासी: ग्राम पारकना, जिला अशोकनगर (म.प्र.)
- प्रदीप श्रीवास्तव (35 वर्ष), निवासी: ग्राम अमनचार, जिला अशोकनगर (म.प्र.)
पुलिस की कार्रवाई और अपील
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बी.एन.एस. (BNS) की धारा 318(4) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया है, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
दुर्ग पुलिस की अपील:
”व्यापारी और आम नागरिक सतर्क रहें। पुराने जेवरों के बदले नए जेवर लेते समय धातुओं की शुद्धता की अच्छी तरह जांच करें। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाने में दें।”
