दुर्ग (वैशाली नगर): रायपुर एम्स (AIIMS) में स्टाफ नर्स की नौकरी लगाने का झांसा देकर लाखों की धोखाधड़ी करने वाले शातिर आरोपी को दुर्ग पुलिस ने उत्तर प्रदेश के लखनऊ से गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले कई महीनों से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था, जिसे साइबर सेल की मदद से ट्रैक किया गया।
दोस्ती की आड़ में रचा ठगी का जाल
पुलिस के अनुसार, प्रार्थी मुकेश कोसरे (निवासी वृंदा नगर, कैम्प-1 भिलाई) ने जनवरी 2026 में थाना वैशाली नगर में शिकायत दर्ज कराई थी। मुकेश ने बताया कि उसके कॉलेज मित्र अभिषेक जयसवाल ने खुद की ऊंची पहुंच और प्रभावशाली व्यक्तियों से जान-पहचान होने का दावा किया था। उसने मुकेश को रायपुर एम्स में स्टाफ नर्स के पद पर सरकारी नौकरी लगवाने का लालच दिया।
नौकरी के नाम पर आरोपी ने मुकेश से किश्तों में कुल 14,50,000 रुपये वसूल लिए। यह लेनदेन सितंबर 2021 से अक्टूबर 2022 के बीच ऑनलाइन और बैंक खातों के माध्यम से हुआ।
फर्जी आश्वासन और फरारी
पैसे लेने के बाद जब मुकेश ने जॉइनिंग लेटर मांगा, तो आरोपी लगातार टालमटोल करने लगा। न तो नौकरी मिली और न ही पैसे वापस मिले। कुछ समय बाद आरोपी अपना घर छोड़कर फरार हो गया, जिसके बाद पीड़ित ने पुलिस की शरण ली। वैशाली नगर पुलिस ने धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
साइबर सेल की मदद से लखनऊ में दबोचा गया
आरोपी की तलाश में जुटी साइबर सेल भिलाई ने उसके मोबाइल नंबर और बैंक खातों का तकनीकी विश्लेषण किया। लोकेशन उत्तर प्रदेश के लखनऊ में मिलने पर तत्काल एक विशेष टीम वहां भेजी गई। घेराबंदी कर आरोपी अभिषेक जयसवाल (31 वर्ष) को गिरफ्तार कर दुर्ग लाया गया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है, जिसके बाद उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
दुर्ग पुलिस की अपील: > पुलिस ने आम जनता से सतर्क रहने की अपील की है। किसी भी व्यक्ति के झांसे में आकर नौकरी के नाम पर बिना सत्यापन के बड़ी राशि का लेनदेन न करें। यदि कोई इस तरह का दबाव बनाता है या प्रलोभन देता है, तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाने में सूचना दें।
