ताज़ा खबर :

मऊ में एनीकट जीर्णोद्धार की मांग, दशकों से मरम्मत के अभाव में हुआ जर्जर, क्षेत्र के लिए एनीकट काफी अहम

■बेमेतरा:- बेमेतरा विकासखण्ड के सीमावर्ती इलाके में स्थित ग्राम मऊ में शिवनाथ नदी पर बना एनीकट अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। जानकारी के अनुसार क्षेत्र में दशकों से इस महत्वपूर्ण एनीकट की कोई सुध नहीं ली जा रही है, जिसके कारण यह पूरी तरह जर्जर हो चुका है। मरम्मत के अभाव में एनीकट की स्थिति इतनी दयनीय हो चुकी है कि स्थानीय क्षेत्रवासियों और राहगीरों को यहां से गुजरने में सम्भावित हादसे खतरा उठाना पड़ता है। चूँकि नदी के दोनों ओर बसे दर्जनों गांवों के लोग हर दिन इस जर्जर ढांचे से होकर गुजरने को मजबूर हैं, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। फिलहाल प्रशासन की इस घोर लापरवाही को लेकर अब स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है, लिहाजा क्षेत्र में इस अहम एनीकट की उपेक्षा पर स्थानीय लोगों में शासन-प्रशासन के प्रति नकारात्मकता बढ़ने लगी है।

एनीकट सुधरा तो सुगमता से जुड़ेंगे बेमेतरा और बलौदाबाजार के कई क्षेत्र, कनेक्टिविटी बढ़ेगी

बहरहाल मऊ क्षेत्र की ​इस एनीकट का जीर्णोद्धार सिर्फ पानी रोकने के लिए नहीं, बल्कि इलाके की लाइफलाइन को बहाल करने के लिए बेहद जरूरी है। यदि जलसंसाधन सम्भाग बेमेतरा और बलौदाबाजार आपसी समन्वय बनाकर जल्द इसका कायाकल्प करते हैं, तो बेमेतरा के मऊ-मलदा, चंदनु, बालसमुन्द सहित नांदघाट और निकटवर्ती बलौदाबाजार जिले के सिमगा क्षेत्र के बीच का आवागमन बेहद सुगम और मजबूत हो जाएगा। वही देखा जाए तो व्यापारिक और सामाजिक दृष्टिकोण से यह एनीकट दोनों जिलों की रीढ़ है। क्षेत्रवासियों ने शासन-प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि कागजी फाइलों से बाहर निकलकर धरातल पर जल्द से जल्द एनीकट के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू किया जाए, ताकि हजारों लोगों को इस दैनिक परेशानी और जर्जर एनीकट की खतरे से मुक्ति मिल सके।

WhatsApp
Facebook
Telegram
X

ख़बर एवं विज्ञापन के लिए संपर्क करें

(संपर्क करें - 8817455556-9630244446)

और पढ़ें