- बकरा व्यापारी और जनगणना अधिकारी बनकर दिल्ली में डटी रही पुलिस, शाहीन बाग से बिहार भाग रहा आरोपी गिरफ्तार, 20 लाख का माल जब्त
- चुनौतीपूर्ण थी गिरफ्तारी: संकरी गलियों में बदला भेष
- यमुना एक्सप्रेस-वे पर हाई-स्पीड चेस (High-Speed Chase)
- गिरफ्तार आरोपी का विवरण:
- बरामद सामग्री (कुल कीमती लगभग 20 लाख रुपये):
- 2019 से देश के कई राज्यों में कर रहा था करोड़ों की चोरी
बकरा व्यापारी और जनगणना अधिकारी बनकर दिल्ली में डटी रही पुलिस, शाहीन बाग से बिहार भाग रहा आरोपी गिरफ्तार, 20 लाख का माल जब्त
भिलाई/दुर्ग।
दुर्ग पुलिस ने देश के कई राज्यों में करोड़ों रुपये की चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक बेहद शातिर और कुख्यात अंतरराज्यीय नकबजन (चोर) को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। दिल्ली के शाहीन बाग की संकरी गलियों में छिपे आरोपी को पकड़ने के लिए दुर्ग पुलिस के जवानों ने बकरा व्यापारी से लेकर जनगणना अधिकारी तक का भेष बदला। इसके बाद जब आरोपी कार से बिहार भागने लगा, तो पुलिस ने यमुना एक्सप्रेस-वे पर 150-160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पीछा करते हुए उसे फिल्मी अंदाज में घेराबंदी कर दबोच लिया।
पकड़े गए आरोपी मोहम्मद नासिर हुसैन के पास से डायमंड ज्वेलरी, सोना, चांदी और एक कार समेत करीब 20 लाख रुपये का मशरूका बरामद किया गया है।
चुनौतीपूर्ण थी गिरफ्तारी: संकरी गलियों में बदला भेष
मई माह के प्रथम सप्ताह में नेहरू नगर (भिलाई), सुपेला और पदमनाभपुर (दुर्ग) क्षेत्र में लगातार कई बड़ी चोरियां हुई थीं। इस मामले में पुलिस पहले ही मेरठ के चोर हासिम खान और चोरी का सोना खरीदने वाले ज्वेलरी शॉप संचालक सलीम खान को गिरफ्तार कर 60 लाख रुपये का सोना बरामद कर चुकी थी।
लेकिन इस गिरोह का मुख्य और सबसे शातिर आरोपी मोहम्मद नासिर हुसैन फरार था। वह दिल्ली के शाहीन बाग और मदनपुर खादर जैसे घनी आबादी, बहुमंजिला फ्लैटों और संकरी गलियों वाले इलाकों में लगातार ठिकाने बदल रहा था। स्थानीय स्तर पर मदद न मिलने के कारण दुर्ग पुलिस की टीम ने दिल्ली में रुककर एक अनोखी रणनीति बनाई।
बकरा विक्रेता और जनगणना अधिकारी बनी पुलिस
पुलिस टीम ने देखा कि उस इलाके में बकरा विक्रेताओं की काफी आवाजाही है। पुलिस के सिविल स्टाफ ने कई दिनों तक बकरा विक्रेताओं के साथ रहकर संदिग्धों की रेकी की। सटीक इनपुट जुटाने के लिए इसके बाद पुलिस ने दूसरा भेष बदला। जवान हाथ में फॉर्म लेकर ‘जनगणना अधिकारी’ बने और एक सप्ताह तक घर-घर जाकर वांछित आरोपी नासिर हुसैन के मूवमेंट की गोपनीय जानकारी जुटाई।यमुना एक्सप्रेस-वे पर हाई-स्पीड चेस (High-Speed Chase)
इसी दौरान पुलिस को पुख्ता खबर मिली कि आरोपी नासिर हुसैन चोरी के जेवर बेचकर खरीदी गई अपनी लग्जरी कार से बिहार के दरभंगा भागने की फिराक में है। दुर्ग पुलिस तुरंत अलर्ट हुई और यमुना एक्सप्रेस-वे पर जाल बिछाया।
आरोपी पुलिस को देखकर अपनी किआ (Seltos) कार से 150 से 160 किलोमीटर प्रति घंटा की तूफानी रफ्तार से भागने लगा। पुलिस की टीम ने भी अपनी गाड़ियों की रफ्तार बढ़ाई और सूझबूझ व आक्रामक रणनीति दिखाते हुए लगभग 300 किलोमीटर तक उसका पीछा किया। आखिरकार, आगरा रोड क्षेत्र के पास घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में ले लिया गया।गिरफ्तार आरोपी का विवरण:
- मोहम्मद नासिर हुसैन उर्फ आनस खान (उम्र 32 वर्ष), पिता: मोहम्मद आरिफ।
- स्थानीय पता: मदनपुर खादर (सरिता विहार) एवं शाहीन बाग, साउथ नई दिल्ली।
- स्थाई पता: ग्राम तिलकपुर, जिला दरभंगा (बिहार)।
बरामद सामग्री (कुल कीमती लगभग 20 लाख रुपये):
- नगदी रकम: ₹1,22,000 (एक लाख बाईस हजार रुपये)
- डायमंड ब्रेसलेट: 1 नग (कीमत करीब ₹7,00,000)
- अमेरिकन डायमंड: कीमत करीब ₹50,000
- सोने के आभूषण: 7.500 ग्राम सोना
- चांदी के सिक्के व आभूषण: 5.60 ग्राम
- नए कपड़े और साड़ियां: कीमत ₹3,00,000 (चोरी के पैसों से खरीदे गए)
- किआ सेल्टॉस कार: कार क्रमांक DL-4C-AZ-7383 (कीमत ₹8,00,000)
2019 से देश के कई राज्यों में कर रहा था करोड़ों की चोरी
कड़ी पूछताछ में आरोपी नासिर हुसैन ने कबूल किया कि वह और उसका गिरोह साल 2019 से सक्रिय है। उसने मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, चंडीगढ़ के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग और भिलाई में करोड़ों रुपये की चोरी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। आरोपी ने बताया कि उसने चोरी की रकम से ही दिल्ली से ₹10 लाख में सेकंड हैंड किआ कार खरीदी थी, जिसका इस्तेमाल वह भागने के लिए कर रहा था।
दुर्ग पुलिस आरोपी नासिर को दिल्ली से विधिवत ट्रांजिट रिमांड पर लेकर दुर्ग पहुंच चुकी है, जहां उसे न्यायालय में पेश किया गया। इस बेहद जटिल, जोखिमपूर्ण और पेशेवर कार्रवाई के लिए दुर्ग पुलिस की इस विशेष टीम की चौतरफा सराहना हो रही है।

