भिलाई। भिलाई स्टील प्लांट (BSP) से संगठित रूप से करोड़ों रुपये के लोहे के स्क्रैप की चोरी करने वाले गिरोह के खिलाफ दुर्ग पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। थाना पुरानी भिलाई पुलिस ने इस मामले में संलिप्त सांई एसोसिएट के क्रेन चालक रविन्द्र साहू को गिरफ्तार किया है। इस हाईप्रोफाइल चोरी के मामले में अब तक कुल 5 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि मुख्य सरगना संजय सिंह समेत अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं।
क्रेन से गाड़ियों में लोड किया जाता था चोरी का लोहा
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी रविन्द्र साहू (निवासी बस स्टैंड, भिलाई-03) सांई एसोसिएट में क्रेन ऑपरेटर के पद पर काम करता था। पूछताछ में रविन्द्र ने कबूल किया है कि वह मुख्य फरार आरोपी संजय सिंह के इशारे पर काम कर रहा था। वह मैग्नेटिक क्रेन के माध्यम से बीएसपी के कीमती लोहे को चोरी छिपे उन गाड़ियों में लोड कर देता था, जो फ्लू डस्ट (Flu Dust) का परिवहन करती थीं। यह पूरा खेल पिछले 4-5 महीनों से संगठित रूप से चल रहा था।
3.22 करोड़ रुपये का माल और गाड़ियां पहले ही जप्त
बता दें कि बीते 26 मई 2026 को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने हथखोज (भिलाई) स्थित ए.के. ट्रेडर्स के प्लॉट नंबर 18 ए/05 में छापा मारा था। वहां भारी मात्रा में फ्लू डस्ट के साथ छिपाकर रखा गया लोहे का प्लेट और बीम कटिंग बरामद हुआ था।
पुलिस ने मौके से करीब 90 लाख रुपये कीमत का 250 टन लोहा और चोरी में इस्तेमाल होने वाले कई वाहन (हाईवा, ट्रक, टाटा एस, जेसीबी, हाइड्रा और चैन माउंटिंग मशीन) जप्त किए थे। जप्त किए गए कुल माल और वाहनों की कीमत 3 करोड़ 22 लाख रुपये आंकी गई है।
इन धाराओं के तहत दर्ज है मामला
इस मामले में पुलिस ने पूर्व में ही चार आरोपियों—चिंतानंद साहू, जितेश वर्मा, मितेन ठाकुर और निर्मल सिंह को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। ताजा गिरफ्तारी के बाद अब पकड़े गए आरोपियों की संख्या 5 हो गई है।
थाना: पुरानी भिलाई
अपराध क्रमांक: 277/2026
कानूनी धाराएं: 303(2), 317(4), 3(5), और 112 भारतीय न्याय संहिता (BNS)
दुर्ग पुलिस ने बताया कि क्रेन चालक रविन्द्र साहू के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलने के बाद उसे कोर्ट में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले के मुख्य साजिशकर्ता संजय सिंह और अन्य फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस सरगर्मी से छापेमारी कर रही है।
