राजनांदगांव। सोशल मीडिया पर दोस्ती कर और फिर गंभीर बीमारी का झूठा नाटक रचकर लाखों रुपये ऐंठने वाले एक शातिर गैंग का राजनांदगांव पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। थाना बसंतपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक पुरुष और दो युवतियों सहित कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपियों ने प्रार्थी को भावनात्मक रूप से जाल में फंसाकर करीब 3 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी की थी।
इंस्टाग्राम से शुरू हुई कहानी, बीमारी के नाम पर ब्लैकमेलिंग तक पहुंची
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, अप्रैल 2024 में पीड़ित (प्रार्थी) की मुलाकात इंस्टाग्राम के जरिए आरोपियों से हुई थी। धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी और आरोपियों ने प्रार्थी का भरोसा जीत लिया। इसके बाद आरोपियों ने खुद को ब्लड कैंसर, माइग्रेन जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित बताया। उन्होंने प्रार्थी को झांसा दिया कि उनका परिवार उन्हें प्रताड़ित कर रहा है और इलाज, राशन व मां-बहन की मदद के नाम पर पैसों की मांग करने लगे।
प्रार्थी उनकी बातों में आ गया और उसने अलग-अलग किश्तों में कुल 3,00,000 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। जब प्रार्थी को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का अहसास हुआ और उसने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने उसे झूठे केस में फंसाने की धमकी देना शुरू कर दिया। परेशान होकर पीड़ित ने बसंतपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
ये आरोपी हुए गिरफ्तार
पुलिस ने ग्राम टेडेसरा (थाना सोमनी, जिला राजनांदगांव) के रहने वाले तीन आरोपियों को दबोचा है:
- मोनू कुमार चिरावतकर (पिता अशोक कुमार, उम्र 35 वर्ष)
- कविता उर्फ दामिनी (पिता संजय उर्फ सोनू, उम्र 19 वर्ष)
- सोनल उर्फ बबीता (पिता संजय उर्फ सोनू, उम्र 22 वर्ष)
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए राजनांदगांव पुलिस अधीक्षक (SP) सुश्री अंकिता शर्मा (IPS) के निर्देशन, एएसपी कीर्तन राठौर और सीएसपी श्रीमती वैशाली जैन के मार्गदर्शन में बसंतपुर थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
पुलिस टीम ने संभावित ठिकानों पर दबिश देकर तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने उनके पास से अपराध में इस्तेमाल किए गए 03 नग मोबाइल फोन जब्त किए हैं। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 308, 351(2), 3(5) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल वारंट मिलने के बाद तीनों को जेल दाखिल कर दिया गया है।
इस टीम को मिली सराहना
इस बड़ी कामयाबी में बसंतपुर थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू, उपनिरीक्षक इब्राहिम खान, प्रधान आरक्षक दीपक जायसवाल, महिला प्रधान आरक्षक मेनका साहू, महिला आरक्षक राजश्री मरकाम, अनुपमा चन्द्रवंशी और थाना स्टाफ की सराहनीय भूमिका रही।

