कबीरधाम (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले की पुलिस ने ग्राम सिंगारपुर में हुई एक सनसनीखेज हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस ने खुलासा किया है कि एक महिला की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसकी सगी ननंद ने ही की थी। आरोपी महिला ने न केवल अपनी भाभी को मौत के घाट उतारा, बल्कि पुलिस को गुमराह करने के लिए शव को निर्वस्त्र कर उसे दुष्कर्म का रूप देने की कोशिश भी की।

खेत में मिला था निर्वस्त्र शव
घटना 3 मई 2026 की है, जब सहसपुर लोहारा थाना क्षेत्र के ग्राम सिंगारपुर में बेलसिया छेदैया (32 वर्ष) का शव खेत में संदिग्ध हालत में मिला था। शव निर्वस्त्र था और सिर पर गंभीर चोट के निशान थे, जिससे इलाके में सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या की अफवाह फैल गई थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
5 साल से मायके में रह रही थी ननंद
पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के मार्गदर्शन में गठित विशेष टीम ने जब जांच शुरू की, तो सुई पारिवारिक रंजिश की ओर घूमी। जांच में पता चला कि मृतिका की ननंद मालती मरकाम (33 वर्ष) पिछले 5 साल से अपने ससुराल को छोड़कर मायके में ही रह रही थी। इस वजह से ननंद-भाभी के बीच अक्सर विवाद और तानेबाजी होती रहती थी। करीब 6 महीने पहले भी मालती ने अपनी भाभी का गला दबाने की कोशिश की थी।
गुमराह करने के लिए रची ‘दुष्कर्म’ की साजिश
पुलिस की कड़ाई से पूछताछ के बाद आरोपी मालती मरकाम ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि 3 मई को उसने योजनाबद्ध तरीके से खेत में काम कर रही अपनी भाभी पर पीछे से लोहे की ‘रपली’ से हमला कर उसकी हत्या कर दी।
स्वयं को बचाने के लिए अपनाया खौफनाक तरीका:
आरोपी ने खुलासा किया कि उसने मोबाइल और सोशल मीडिया पर इस तरह की घटनाओं के बारे में देखा था। पुलिस का ध्यान भटकाने और संदेह किसी पुरुष पर डालने के उद्देश्य से उसने हत्या के बाद मृतिका के कपड़े फाड़ दिए और शव को निर्वस्त्र छोड़ दिया, ताकि यह सामूहिक दुष्कर्म के बाद की गई हत्या जैसा प्रतीत हो।
पुलिस की वैज्ञानिक विवेचना आई काम
साइबर सेल और एफएसएल टीम की मदद से पुलिस ने घटनास्थल से टूटी चूड़ियां, बटन और साड़ी पिन जैसे महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। वैज्ञानिक विश्लेषण और पेशेवर पूछताछ के कारण आरोपी महिला ज्यादा देर तक झूठ नहीं टिक सकी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रारंभिक जांच में मृतिका के साथ किसी भी प्रकार के दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस ने आरोपी मालती मरकाम को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। इस त्वरित कार्रवाई में थाना प्रभारी मनीष मिश्रा सहित साइबर और एफएसएल टीम की मुख्य भूमिका रही।
