खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (केसीजी):
जिला केसीजी पुलिस और गातापार थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने पशु तस्करों के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने चंगुर्दा घाटी में घेराबंदी कर क्रूरतापूर्वक कत्लखाने ले जाए जा रहे 4 मवेशियों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया है। मामले में मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
चंगुर्दा घाटी में घेराबंदी कर दबोचे गए आरोपी
जानकारी के अनुसार, जिला पुलिस की टीम को सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर मवेशियों को अवैध रूप से हांकते हुए ले जा रहे हैं। गातापार पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 25 मई को चंगुर्दा घाटी (ग्राम चंगुर्दा) के पास घेराबंदी की। इस दौरान दो आरोपी 4 नग बैलों को लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटते हुए, पैदल महाराष्ट्र के कत्लखाने ले जाते रंगे हाथों पकड़े गए।
पकड़े गए आरोपियों का विवरण:
- राज कुमार देशमुख (उम्र 48 वर्ष), निवासी- ग्राम सावरीकला, थाना लांजी, जिला बालाघाट (मध्य प्रदेश)।
- वितेश बावनथडे (उम्र 35 वर्ष), निवासी- ग्राम मारूटोला, थाना आमगांव, जिला गोंदिया (महाराष्ट्र)।
लाखों का मशरूका ज़ब्त, कोर्ट के आदेश पर भेजे गए जेल
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 (धारा 4, 6, 10) और पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 (धारा 11) के तहत अपराध क्रमांक 35/2026 दर्ज किया है।
ज़ब्त की गई संपत्ति (कुल कीमत: ₹1,04,000):
- मवेशी: 04 नग बैल (कीमत लगभग ₹36,000)
- वाहन: 01 मोटरसाइकिल क्रमांक CG 08 U 7196 (कीमत लगभग ₹60,000)
- मोबाइल: 02 नग स्मार्टफोन (कीमत लगभग ₹8,000)
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से न्यायिक रिमांड मिलने पर उन्हें उप जेल सलोनी भेज दिया गया है। इस पूरी सराहनीय कार्रवाई में गातापार थाना प्रभारी और जिला केसीजी पुलिस टीम की मुख्य भूमिका रही।

