■बेमेतरा:- भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बीच मई के महीने अचानक मौसम के बदले मिजाज और हुई बेमौसम बारिश ने बेमेतरा जिले के ग्रामीण अंचलों में तपती धरती को न सिर्फ राहत पहुंचाई है, बल्कि किसानों के चेहरे पर भी रौनक ला दी है। इस अचानक हुई वर्षा से खेतों की मिट्टी में पर्याप्त नमी आ गई है, जिससे खरीफ फसल की तैयारियों में जुटे अन्नदाताओं को बड़ी राहत मिली है और उन्होंने बिना वक्त गंवाए अपने खेतों में ट्रैक्टर और हल-बैल लेकर जुताई का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। यह बेमौसम बारिश कृषि कार्य के लिए एक वरदान साबित हुई है, क्योंकि इससे कड़े हो चुके खेतों को जोतना बेहद आसान हो गया है, जिससे किसानों के समय और डीजल दोनों की भारी बचत हो रही है। ग्रामीण इलाकों में अब चारों ओर खेती-किसानी की हलचल तेज हो गई है और तपिश भरे मौसम में मिली इस प्राकृतिक संजीवनी से उत्साहित बेमेतरा के किसान अब एक बेहतर और समृद्ध पैदावार की उम्मीद के साथ अपने आगामी फसल चक्र के तैयारियों में पूरी शिद्दत से जुट गए हैं। हालांकि अभी खरीफ की फसल के लिए अभी फिलहाल काफी वक्त है। विदित हो कि जिलेभर में कृषि कार्य के उपयोगी डीजल पर्याप्त मात्रा में न मिल पाने से अन्नदाता किसानो में काफी मायूसी भी है, जो जिलेभर में मौसम के बदले मिजाज ने किसानों को बड़ी राहत पहुंचा दी है।
