बेरला (छत्तीसगढ़):
कहा जाता है कि जहाँ अनुशासन और संस्कार होते हैं, वहाँ सफलता कदम चूमती है। इस कहावत को ग्राम तरालिम निवासी श्री राजूलाल साहू की तीन सुपुत्रियों ने चरितार्थ कर दिखाया है। सरस्वती शिशु मंदिर, बेरला में अध्ययनरत तीन सगी बहनों ने हाल ही में घोषित बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त कर न केवल अपने माता-पिता का सिर गर्व से ऊँचा किया है, बल्कि पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।
सफलता का रिपोर्ट कार्ड
राजूलाल साहू की तीनों बेटियों ने अलग-अलग स्तर की बोर्ड परीक्षाओं में अपनी मेधा का लोहा मनवाया है:
| छात्रा का नाम | कक्षा | परिणाम (%) | स्थान (विद्यालय स्तर) |
|---|---|---|---|
| हिमांशी साहू | 12वीं (विज्ञान) | 88% | प्रथम |
| वंशिका साहू | 8वीं बोर्ड | 90.7% | द्वितीय |
| प्रियांशी साहू | 5वीं बोर्ड | 93.7% |
परिश्रम और संस्कार बनी सफलता की कुंजी
छात्राओं की इस शानदार उपलब्धि पर उनके पिता श्री राजूलाल साहू भावुक नजर आए। उन्होंने अपनी बेटियों की सफलता का श्रेय उनके कठिन परिश्रम, अनुशासन और संस्कारों को दिया। उन्होंने कहा, “बेटियाँ बचपन से ही पढ़ाई के प्रति समर्पित रही हैं। शिक्षकों के सही मार्गदर्शन और उनके सहयोग के बिना यह मुकाम हासिल करना संभव नहीं था।”
शिक्षकों ने की सराहना
विद्यालय के शिक्षकों ने तीनों बहनों को अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया। शिक्षकों के अनुसार, ये छात्राएँ न केवल शिक्षा में अव्वल हैं, बल्कि अत्यंत विनम्र, अनुशासित और संस्कारी भी हैं। पढ़ाई के साथ-साथ विद्यालय की अन्य गतिविधियों में भी इनका प्रदर्शन हमेशा सराहनीय रहा है।
श्रेय: माता-पिता, गुरु और ईश्वर की कृपा
अपनी सफलता से उत्साहित बहनों ने संयुक्त रूप से इसका श्रेय अपने माता-पिता के निरंतर सहयोग, गुरुजनों के मार्गदर्शन और भगवान श्रीकृष्ण (कान्हा जी) की असीम कृपा को दिया। उन्होंने बताया कि परिवार का उन पर अटूट विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बेरला के प्रबंधन, शिक्षकगणों और क्षेत्रवासियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए तीनों बहनों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
“बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं, बस उन्हें सही मार्गदर्शन और विश्वास की आवश्यकता है।”
